मोदी को क्रिमिनल बताने पर गूगल को नोटिस


नई दिल्ली। सर्च इंजन गूगल को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को टॉप-10 क्रिमिनल्स में दिखाना भारी पड़ गया है। इलाहाबाद की जिला अदालत ने मंगलवार को गूगल के सीईओ लैरी बेस और भारत में गूगल के चेयरमैन राजन आनंद को नोटिस जारी करते हुए इस मामले को लेकर कोर्ट में तलब किया है।

सर्च इंजन गूगल ने पीएम मोदी को सर्च में वल्र्ड के टॉप टेन क्रिमिनल की लिस्ट में डाल दिया था। जुलाई 2015 में सर्च इंजन गूगल में दुनिया के टॉप टेन अपराधियों की तस्वीरों में पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर मौजूद थी, जिसके बाद एक सामाजिक कार्यकर्ता सुशील मिश्रा ने कोर्ट से 156/3 के तहत एक केस दायर किया था और कहा था कि अपराधियों के साथ पीएम मोदी की तस्वीर मौजूद होने से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।

इलाहाबाद के सामाजिक कार्यकर्ता सुशील मिश्रा ने इसे मोदी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली हरकत बताई थी। हालांकि एसीजेएम की कोर्ट ने इस अर्जी को खारिज कर दिया था।

इसके बाद याचिकाकर्ता ने मंगलवार को जिला जज के सामने रिवीजन अपील दायर की। जिसपर सुनवाई करते हुए जिला जज ने गूगल के सीईओ लैरी बेस और भारत में गूगल के चेयरमैन राजन आनंद को नोटिस जारी करते हुए कोर्ट में 31 अगस्त को तलब किया है।