मैंने आज तक 10 रुपये का भी जुर्माना नहीं भरा : श्री श्री


नई दिल्ली । विश्व सांस्कृतिक महोत्सव में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक ने एनजीटी की तरफ से जुर्माना लगाए जाने पर अपने ही अंदाज में निशाना साधा। उन्होंने कहा मैंने तो आज तक 10 रुपये का भी जुर्माना नहीं भरा, जीवन भर बेदाग रहा।

श्री श्री ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली एक मुहिम पर दस्तखत करते हुए कहा कि ‘जब हम भीतर का अंधेरा दूर करते हैं तो बेदाग रहते हैं, मैं जीवन भर बेदाग रहा। आज तक हम स्कूल में भी कभी देरी से नहीं गए, न ही एक पैसे का जुर्माना भरा। 10 रुपये का भी जुर्माना नहीं भरा। ’

श्री-श्री रविशंकर की इस बात पर महोत्सव में खूब तालियां बजीं। उन्होंने कहा फिर मुझे ये बताया गया यह जुर्माना नहीं है। अखबारों में गलत लिखा है। उन्होंने कहा कि यहां के विकास के लिए है। दोबारा से सही करने के लिए है तो हमने कहा हम पूरी जी जान लगा देंगे। मैंने कहा कि बिना गलती किए कोई जुर्माना नहीं भरेंगे। श्री श्री ने बताया कि महोत्सव में पास के क्षेत्रों में रह रहे लोगों के पास कोई ऊर्जा नहीं थी अब उनके घरों में सौर ऊर्जा पहुंच गई। यह काम शुक्रवार शाम को पूरा कर दिया गया है। मैं चाहता हूं कि ज्यादा लोग सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करें।

महोत्सव में अमेरिकी राष्ट्रपति बाराक ओबामा के कैंपेनर में शामिल रहे धर्मगुरु पादरी डॉ. गेराल्ड डुरलेय भी मौजूद रहे। गेराल्ड ने काफी अच्छा संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि मैं यहां आकर खुश हूं। यहां 3.5 लाख लोग हैं लेकिन कोई हिंसा नहीं है। उन्होंने हम एक परिवार हैं। हमें हमारी विविधता पर गर्व है। उन्होंने कहा हमें नफरत को मिटा प्यार को बढ़ावा देना होगा। रविशंकर वहीं काम रहे हैं।