मुख्यमंत्री का ख्वाब बुन रहीं शशिकला जाएंगी जेल


आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनाई सजा
10 करोड़ का जुर्माना भी लगाया
8 मिनट में कोर्ट ने सुना दिया फैसला
इसी मामले में जयललिता को भी सजा सुनाई गई थी, लेकिन बाद में वे बरी हो गई थीं

नई दिल्ली. एक दिन पहले तक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने का सपना संजोये शशिकला को सारे सपने चूर हो गये। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 4 साल की सजा सुनाई और 10 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। बेहिसाब संपत्ति कमाने के मामले में उन्हें दोषी करार दिया। कोर्ट ने यह पूरा फैसला महज आठ मिनट में सुना दिया। यह मामला 21 साल से चल रहा था। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के 4 साल की सजा के फैसले को बरकरार रखा। अब शशिकला को तत्काल ट्रायल कोर्ट में सरेंडर कर जेल जाना होगा। शशिकला को साढ़े तीन साल जेल में गुजारने होंगे। 6 महीने की सजा वे पहले ही काट चुकी हैं।
6 साल तक चुनाव नहीं लड़ पायेंगी
इस फैसले के साथ ही शशिकला का राजनैतिक दौर एक तरह से खत्म हो गया है। 4 साल की सजा पूरी करने के बाद वे 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। इसी केस में कर्नाटक हाईकोर्ट ने शशिकला और जयललिता को 2015 में बरी कर दिया था।

ऐसे हुई सुनवाई
दो जजों की बेंच जस्टिस पीसी घोष और जस्टिस अमिताभ रॉय ने मंगलवार सुबह 10.32 मिनट पर कोर्ट नंबर 6 में कार्यवाही शुरू की। जस्टिस घोष ने कहा, आप समझ सकते हैं कि कितना भारी जजमेंट है। हम काफी भार महसूस कर रहे थे।
समाज में बढ़ते करप्शन को लेकर हम काफी चिंता जता चुके हैं।
– जस्टिस अमिताभ रॉय
जया के मामले क्या कहा
बेंच ने ये भी कहा कि चूंकि जयललिता की मौत हो चुकी है। लिहाजा उनके खिलाफ मामला खत्म हो जाता है।

क्या होगा तमिलनाडु का भविष्य
-शशिकला ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद चेन्नई के पास एक रिजॉर्ट में वफादार विधायकों के साथ इमरजेंसी मीटिंग की। सरेंडर करने से पहले शशिकला ने जयललिता सरकार में ताकतवर मंत्री रहे पलानीस्वामी को एआईएडीएमके का नया नेता बनाया।
पन्नीरसेल्वम बर्खास्त
शशिकला ने जेल जाने से पहले पन्नीरसेल्वम को पार्टी से ही बर्खास्त कर दिया। इससे पहले उनसे सीएम पोस्ट और पार्टी कोषाध्यक्ष का पद छोडऩे को कहा गया था।

आगे क्या
एटॉर्नी जनरल रहे सोली सोराबजी ने बताया कि शशिकला अपने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर कर सकती हैं लेकिन उन्हें इसमें कामयाबी मिलने के आसार नहीं हैं।
एक नजर में समझें पूरा मामला
इस केस में जया, शशिकला और उनके दो रिश्तेदार वीएन सुधाकरन, इलावरसी समेत 4 लोग शामिल हैं। इस मामले की सुनवाई तमिलनाडु के बाहर बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट में हुई। इस कोर्ट ने 27 सितंबर 2014 को जयललिता, शशिकला और दो अन्य बेहिसाब प्रॉपर्टी रखने के मामले में दोषी करार दिया। ट्रायल कोर्ट ने सभी को चार साल की सजा सुनाई थी। शशिकला और उनके रिश्तेदार पर 10 करोड़ और जयललिता पर 100 करोड़ का जुर्माना भी लगाया था। जया ने इस फैसले को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 11 मई 2015 को जया और शशिकला समेत सभी चार दोषियों को बरी कर दिया। जयललिता पर 1991 से 1996 के बीच सीएम रहने के दौरान इनकम से ज्यादा 66 करोड़ की प्रॉपर्टी इक_ा करने का आरोप था। उन पर शशिकला के साथ मिलकर 32 ऐसी कंपनियां बनाने का आरोप था जिनका कोई बिजनेस ही नहीं था। हाईकोर्ट ने कहा था- जयललिता के पास इनकम से 8.12प्रतिशत प्रॉपर्टी थी। यह 10प्रतिशत से कम है जो परमिसिबल लिमिट में है। आंध्र प्रदेश सरकार तो इनकम से 20प्रतिशत ज्यादा प्रॉपर्टी होने पर भी उसे जायज मानती है, क्योंकि कई बार हिसाब बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया जाता है।

सुब्रमण्यम स्वामी ने किया था केस
1996 में तत्कालीन जनता पार्टी के नेता और अब बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने मुकदमा दायर कर आरोप लगाया था कि जयललिता ने 1991 से 1996 तक सीएम पद पर रहते हुए 66.44 करोड़ रुपए की बेहिसाब प्रॉपर्टी इक_ा की थी।

जया की संपत्ति पर थी शशि की नजर
शशिकला जयललिता के साथ पोयस गार्डन में ही रहती थी ताकि वह जया की संपति को कब्जा सकें. शशिकला और दो अन्य एक साथ मिल गए और जयललिता के दिए फंड से बड़ी मात्रा में जमीन अधिग्रहित की, इससे साफ है कि ये तीनों पोयस गार्डन में दोस्ती परोपकार के लिए नहीं बल्कि जया की संपत्ति हड़पने की साजिश थी।
2 माह में तमिलनाडु को मिलेगा तीसरा सीएम
अगर पलामीस्वामी को राज्य के मुख्यमंत्री बनते हैं तो पिछले दो माह में सत्ता संभालने वाले वह तीसरे मुख्यमंत्री होंगे।

वर्सन
20 साल लंबे इंतजार का फल मिला मिला है। अब शशिकला चाहकर भी नहीं बच पायेंगी।
– सुब्रहमण्यम स्वामी, याचिकाकर्ता

शशिकला पर सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऐतिहासिक है।
– द्रमुक, तमिलनाडु का विपक्ष