माल्या ही नहीं, जेपी ग्रुप ने भी डकारे बैंक के 4,460 करोड़


नई दिल्ली।  विजय माल्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि ऐसा ही एक और मामला सामने आया है. जेपी ग्रुप भी अब विजय माल्या की तरह मुश्किल में है. कर्ज के दबाव की वजह से जेपी ग्रुप ने बैंकों के 4,460 करोड़ रुपये का पेमेंट डिफॉल्ट कर दिया है ।  इस 4,460 करोड़ की रकम में करीब 2905 करोड़ रुपये का लोन और करीब 1558 करोड़ रुपये का ब्याज शामिल है।

जेपी ग्रुप द्वारा किए गए हालिया खुलासे में यह बात सामने निकलकर आई है कि, 31 मार्च, 2016 तक बकाया कर्ज के भुगतान में 1 से लेकर 269 दिनों का विलंब चल रहा था. इसमें से जयप्रकाश एसोसिएट्स पर 2,183.17 करोड़ रुपये, जयप्रकाश पावर वेंचर्स पर 688.48 करोड़ रुपये तथा जेपी सीमेंट पर 33.95 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया था।

शेयर बाजारों को भेजी सूचना में जेपी समूह ने कहा है कि इस दौरान जयप्रकाश एसोसिएट्स पर कर्ज के ब्याज का 837.45 करोड़ रुपये, जयप्रकाश पावर वेंचर्स पर 152.18 करोड़ रुपये एवं जेपी सीमेंट कॉरपोरेशन पर 63.13 करोड़ रुपये का ब्याज बकाया है. इसके अलावा जेपी इन्फ्राटेक पर 193.08 करोड़ रुपये, जेपी आगरा विकास पर 3.01 करोड़ रुपये, प्रयागराज पावर जेनरेशन पर 308.66 करोड़ रुपये तथा मध्य प्रदेश जेपी मिनरल्स पर 75 हजार रुपये तथा भिलाई जेपी सीमेंट पर 67 हजार रुपये का ब्याज बकाया है।

माल्या को भारत लाना मुश्किल, इंटरपोल ने रेड कार्नर नोटिस जारी करने से किया इंकार

नई दिल्ली। देश के विभिन्न बैंकों से लगभग 9 हजार करोड़ का कर्ज लेकर देश से बाहर रह रहे शराब कारोबारी विजय माल्या के लिए एक राहत देने वाली खबर आई है। इंटरपोल ने माल्या के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने से मना कर दिया है।  हजारों करोड़ रुपए का कर्ज लेकर ब्रिटेन में जा बसे माल्य को भारत लाने की प्रक्रिया में इस रुकावट से केंद्र सरकार को झटका लगा है।

सूत्रों के अनुसार इंटरपोल का मानना कहा है कि माल्या के खिलाफ अब तक कोई आपराधिक मामला साबित नहीं हुआ है। जानकारी सामने आई है कि रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए जितने सबूत होने चाहिए, उतने पर्याप्त सबूत भी नहीं हैं। सूत्रों ने यह भी बताया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत माल्या को भारत लाना फिलहाल मुश्किल है।

गौरतलब है कि भारत ने इंटरपोल से माल्य के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था। जब कोई आरोपित भारत छोड़ दूसरे देश चला जाता है तब इंटरपोल उसे वापस भेजने के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर सकता है।