महीने भर बाद भी नहीं समेटा जा सका श्री श्री के कार्यक्रम का साजो-सामान


नई दिल्ली। आर्ट ऑफ लििंवग के विश्व संस्कृति महोत्सव का भव्य मंच तो जमींदोज हो चुका है लेकिन आयोजन का अवशेष अब भी स्थल पर बिखरा पड़ा है जिसे समेटने में मजदूर जुटे हैं। महीने भर बीतने के बाद भी यह साजो सामान आर्ट ऑफ लििंवग के आर्ट ऑफ वा\कग की तरफ इशारा कर रहे हैं। दर्जनभर ट्रकों में सामानों को समेटने का सिलसिला बदस्तूर जारी है लेकिन अभी थोडा वक्त लगेगा। सारा सामान हटने के बाद ही एनजीटी की तरफ से गठित िंप्रसिपल कमेटी जगह का मुआयना कर आकलन कर पाएगी कि आखिर कितने का नुकसान है और इसकी भरपाई वैâसे होगी। हालांकि आर्ट ऑफ लििंवग ने एनजीटी के सामने साइंटिफिक एसेसमेंट करवाने की गुजारिश की है। इस मुद्दे पर अगली सुनवाई २१ और २२ अप्रैल को होनी है।
इससे पहले एनजीटी में ४ अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान आर्ट ऑफ लििंवग ने कहा कि ५ करोड़ में से बाकी बचे ४ करोड़ ७५ लाख की रकम बतौर बैंक गारंटी ली जाए। जिस रकम को जमा करने की मियाद १अप्रैल को पूरी हो रही थी। अब मुद्दा यह नहीं है कि नुकसान हुआ है या नहीं बाqल्क आयोजन स्थल को पुराने स्वरूप में लाने का है और सवाल खर्च, समय की मियाद और अंजाम देने के तौर तरीके को लेकर है जिसका जवाब एनजीटी के पैâसले से मिलेगा।