महाराष्ट्र में बीफ खाने की आजादी, काटना जुर्मः हाई कोर्ट


मुंबई। महाराष्ट्र में बीफ काटने पर बैन जारी रहेगा। बॉम्बे हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के बीफ बैन पर लगी रोक को हटाने से इनकार कर दिया है। राज्य में सरकार के नए कानून के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। कोर्ट ने कहा है कि  महाराष्ट्र सरकार ने राज्य पशु संरक्षण अधिनियम के तहत बीफ पर बैन लगा दिया था। इसके खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रतिबंध पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।

कोर्ट के फैसले के मुताबिक राज्य में गाय और बैल को काटने पर लगाई गई राज्य सरकार की पाबंदी जारी रहेगी लेकिन बीफ का व्यापार (अगर महाराष्ट्र से बाहर से लाया जाता है, जिन राज्यों में इसकी इजाजत है) अपराध की श्रेणी में नहीं होगा। हालांकि दूसरे राज्यों से आनेवाले व्यापारियों के पास बीफ के पूरे लीगल दस्तावेज होने चाहिए। अगर किसी व्यापारी या इंसान को इस बात की जानकारी है कि बीफ महाराष्ट्र में कटा है, और फिर उसका व्यापार किया जाए या फिर वह किसी इंसान के पास पाया जाए तो उसके ऊपर कानूनी कार्यवाई की जाएगी। एमआईएम के नेता रफात हुसैन ने कहा कि इस फैसले से थोड़ी निराशा जरूर हुई है लेकिन राहत की बात ये है की बीफ पाए जाने पर जो कानूनी कार्रवाई की जाती थी उस पर अब रोक लगा दी गई है। इस फैसले के खिलाफ हम सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करेंगे। बीफ बैन की वजह से लाखों किसान और कसाई परेशान है, हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।