ममता बनर्जी पहली बार दोहरी भूमिका में


कोलकाता। विधानसभा चुनाव में तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी पहली बार दोहरी भूमिका में हैं। ममता के ही वंâधे पर तृणमूल के प्रचार की जिम्मेदारी है और वह खुद भी चुनाव लड़ रही हैं। इस ाqस्थति में अपने विधानसभा क्षेत्र में भी उन्हें ही प्रचार करना होगा। भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से सटे कालीघाट में ही ममता का निवास भी है। इसके बावजूद ममता को अपने क्षेत्र में प्रचार के लिए अधिक समय निकालना मुाqश्कल है क्योंकि उन्हें राज्यभर में प्रचार करना है।
इस ाqस्थति का विपक्ष फायदा उठाना चाहता है और ममता को अपने ही चुनाव क्षेत्र में घेरने की तैयारी की जा रही है। भाजपा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पौत्र चंद्र बोस को मैदान में उतारा है तो कांग्रेस दीपा दासमुंशी को प्रत्याशी बनाने की जुगत में है। वहीं वाममोर्चा भी ममता को घेरने को लेकर कमर कस रहा है। इस विधानसभा क्षेत्र में गैर बांग्ला भाषियों की भी काफी संख्या है, जो महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। २०११ विधानसभा चुनाव में इस सीट से तृणमूल कांग्रेस से सुब्रत बक्शी जीते थे। बाद में ममता के लिए उन्होंने सीट छोड़ दी और उपचुनाव तृणमूल प्रमुख जीती थीं।