ममता को तृणमूल कांग्रेस टूटने की आशंका


कोलकाता। सारदा चिट पंâड घोटाले में तृणमूल कांग्रेस पार्टी के जनरल सेव्रेâटरी मुकुल रॉय से सीबीआई द्वारा पूछताछ के बाद घटनाक्रम में तेजी से बदलाव आया है। सीबीआई ने रॉय से ३० जनवरी को पूछताछ की। उनसे ४ घंटे पूछताछ की गई लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। पूछताछ के बाद रॉय को छोड़ने से तृणमूल के आंतरिक हलचल बढ़ गई है। यहां तक ममता बनर्जी को भी रॉय की गिरफ्तारी का संदेह था और उन्होंने पार्टी की आंतरिक बैठक में इस बाबत संकेत भी दिए थे। मुकुल रॉय ने भाजपा और सीबीआई को लेकर तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक राजनीतिक स्टैंड का भी उल्लंघन किया। ममता का कहना है कि भाजपा सीबीआई का दुरूपयोग कर उन्हें राजनीतिक रूप से खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा की इस साजिश के खिलाफ उनकी पार्टी आंदोलन करेगी। हालांकि, मुकुल रॉय ने पार्टी के इस रुख को नहीं मानते हुए कहा कि अगर सीबीआई उन्हें सौ बार भी बुलाती है तो वह हर बार जाएंगे। रॉय ने साफ कर दिया कि वह भी चाहते हैं कि सीबीआई इस घोटाले के पीछे छिपे सच से पर्दा उठाए। सीबीआई को लेकर सॉफ्ट रणनीति और जांच एजेंसी को तमाम तरह के आश्वासन के जरिए मुकुल ने वास्तव में ममता बनर्जी की नाराजगी मोल ले ली है। तृणमूल के आंतरिक मामले में भी रॉय को मुक्त करने की सीबीआई की हरकत के पीछे बड़ा खेल माना जा रहा है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, ‘मदन मित्रा को सीबीआई ने पूछताछ के पहले दिन गिरफ्तार कर लिया लेकिन रॉय को छोड़ दिया गया। सीबीआई और रॉय के बीच जरूर कुछ न कुछ समझौता है और दीदी (ममता) अब रॉय के रोल को लेकर आशंकित हो गई हैं।’ ममता ने शनिवार को तकरीबन घंटाभर पार्टी की कोर कमेटी को संबोधित किया और अपने सीनियर नेताओं से यह भी कहा कि भाजपा ने मुकुल रॉय से कहा है कि वह पार्टी को तोड़ने की हरसंभव कोशिश करें या जेल जाने के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि सीबीआई पार्टी के एमपी शुभेंदु अधिकारी पर भी दबाव बना रही है। सीबीआई उनसे कह रही है कि आप भाजपा ज्वाइन कीजिए या फिर जेल जाने के लिए तैयार रहिए।