मथुरा : हो सकता है रामवृक्ष यादव जिन्दा ही न हो ?


मथुरा। मथुरा में हुई हिंसा के मास्टर माइंड रामवृक्ष को लेकर अब तक सस्पेंस बना हुआ है। पुलिस फिलहाल उसकी तलाश में जुटी है लेकिन इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि वारदात में उसकी मौत हो चुकी है। पुलिस को इस बात की भी आशंका है कि रामवृक्ष के मारे जाने या फिर जख्मी होने के बाद उसके साथी उसे किसी सुरक्षित जगह पर लेकर गए हैं। इसी आशंका के तहत पुलिस अलग अलग अस्पतालों में भी सर्च ऑपरेशन चला रही है। क्योंकि जख्मी होने की हालत में वो किसी अस्पताल में इलाज के लिए भी जा सकता है। बता दें इससे पहले शुक्रवार को मथुरा पहुंचे डीजीपी जावीद अहमद ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि अगर रामवृक्ष यादव जिन्दा होगा तो जरुर पकड़ा जाएगा. तभी से कयास लगाए जा रहे हैं कि हो सकता है रामवृक्ष यादव जिन्दा ही न हो।

बता दें कि मथुरा में हुए बवाल का मुख्य आरोपी गाजीपुर का रामवृक्ष यादव अब तक फरार है। रामवृक्ष गाजीपुर के मरदह ब्लॉक के रायपुर बाघपुर गांव का रहने वाला है। इमरजेंसी के दौरान 1975 में जेल में बंद भी रहा। रामवृक्ष को यूपी सरकार की ओर से लोकतंत्र सेनानी का पेंशन भी मिलता है। रामवृक्ष की दो बेटी और दो बेटे हैं।

रामवृक्ष करीब 20 साल से परिवार सहित गांव से बाहर ही रहता है। उसने अपनी जमीन भी गांव के दूसरे लोगों को देखभाल के लिए दे रखी है। वह आखिरी बार 3 साल पहले अपने गांव आया था। बाबा जय गुरुदेव का शिष्य रहे रामवृक्ष की राजनीति में गहरी दिलचस्पी है और वो लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुका है।

मथुरा कांड में रामवृक्ष का नाम आने के बाद गांव वाले हैरान हैं। गांव के लोगों को विश्वास नहीं हो रहा है कि रामवृक्ष इतने बड़े बवाल का अगुआ है। गांव वालों के मुताबिक गांव में रहते हुए रामवृक्ष का कभी किसी से झगड़ा नही हुआ और न ही उस पर कोई अपराधिक केस दर्ज है।