भारत में हिंदू हमेशा बहुसंख्यक रहेंगेः मोहन भागवत


– हिंदू अल्पसंख्यक हो जाएंगे, यह निराशावाद खत्म होना चाहिए
कोलकाता। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि िंहदू भारत में बहुसंख्यक ही रहेंगे वे कभी भी अल्पसंख्यक नहीं होंगे। भागवत ने यहां चैंबर ऑफ कॉमर्स में कहा कि िंहदुओं को खुद से इस समस्या से निपटना होगा। उन्होंने कहा कि िंहदू एक समय में अल्पसंख्यक हो जाएंगे यह निराशावाद खत्म होना चाहिए। इस अवधि में हम कुछ ऐसा कर सकते हैं कि ऐसी बात नहीं हो। उन्होंने कहा कि १२० करोड़ से अधिक की आबादी में बहुसंख्यक िंहदू कभी भी अल्पसंख्यक नहीं होंगे और आप आज जो आबादी देखते हैं, वह आने वाले दिनों में बढ़ने जा रही है। जो िंहदू हैं वो बने रहेंगे और जो कभी िंहदू थे, अगर कटटरपंथियों के ढक्कन को हटा दिया जाए तो उनमें से ५० फीसदी वापस आ जाएंगे।
संघ प्रमुख ने कहा कि इसलिए जो लोग चले गए हैं, हमें उन्हें लालच या बलपूर्वक वापस नहीं लाना चाहिए बाqल्क प्रेम के जरिए उन्हें वापस लाना चाहिए। वहीं भागवत के आरक्षण के लिए योग्यता पर पैâसला करने के लिए गैर राजनैतिक समिति का गठन करने की वकालत करने के बाद कांग्रेस ने कहा कि उन्हें विवादास्पद बातें बोलने की आदत है और उनसे जुड़े लोगों को उन्हें सुधारना चाहिए या जनता ऐसा कर देगी। लोकसभा में कांग्रेस के नेता माqल्लकार्जुन खड़गे ने लोकसभा अध्यक्ष द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद कहा कि वह हमेशा विवादास्पद बातें बोलते हैं। उन्होंने पहले कहा था कि आरक्षण की समीक्षा की जानी चाहिए और यह समाप्त होना चाहिए। यह उनकी आदत रही है।