‘भारत माता की जय’ लिखने पर ही मिलेगा स्कुल में एडमिशन


अहमदाबाद। ‘भारत माता की जयÓ बोलने के विवाद में एक और नया अध्याय जुड़ गया है। गुजरात में अब एक शिक्षण संस्थान ने ऐलान किया है कि जिसे भी संस्थान में एडमिशन लेना है उसे एप्लीकेशन फॉर्म में ‘भारत माता की जयÓ लिखना होगा। ऐसा नहीं करने पर संस्थान में एडमिशन नहीं दिया जाएगा।
राज्य में अमरेली के एजुकेशन ट्रस्ट श्री पटेल विद्यार्थी आश्रम की ओर से इसे जारी किया गया है। ट्रस्ट की ओर से दो हाई स्कूल, एक प्राइमरी स्कूल और एक कॉलेज का संचालन किया जाता है। यह फैसला रविवार को हुई ट्रस्ट की एक मीटिंग में लिया गया है। इस ट्रस्ट के मुखिया भाजपा नेता दिलीप संघानी हैं। मीडिया से बातचीत में दिलीप संघानी ने ट्रस्ट के फैसले को सही बताते हुए कहा है कि हम छात्रों में राष्ट्रवाद की भावना का संचार करना चाहते हैं। इसीलिए 104 साल पुराने ट्रस्ट ने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थाओं में देश विरोधी नारेबाजी हो रही है। हम चाहते हैं कि छात्र देश का सम्मान करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगले शैक्षिक सत्र से यह नियम लागू कर दिया जाएगा। हमारे यहां उन्हीं छात्रों को एडमिशन मिलेगा जो एप्लीकेशन फॉर्म पर ‘भारत माता की जयÓ लिखेंगे। ट्रस्ट के इस फैसले को लेकर विरोध भी शुरु हो गया है। कांग्रेस ने बीजेपी पर देश को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। कांग्रेसी विधायक परेश धदानी ने कहा, संविधान में सभी भारतीयों को बराबरी का दर्जा दिया गया है। बीजेपी केा संविधान का अपमान तुरंत बंद करना चाहिए। राजनीतिक फायदे के लिए बीजेपी लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है।
इस मामले में भाजपा के अंदर से अलग-अलग बयान आ रहे हैं। गुजरात के शिक्षा मंत्री भूपेन्द्र सिंह चूडास्मा ने कहा कि किसी को भी भारत माता की जय कहने के लिए फोर्स नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि इसका बीजेपी से कोई लेना देना नहीं है ये एक ट्रस्ट का निजी फैसला है। उन्होंने कहा कि भारत माता की जय कहना अच्छी बात है लेकिन इसे अनिवार्य नहीं किया जा सकता है। शिकायत मिली तो कार्रवाई करेंगे। वहीं बीजेपी अल्पसंख्यक सेल कार्यकारिणी के सदस्य सज्जाद हीरा ने कहा कि ‘भारत माता की जयÓ लिखने या कहने में कुछ भी गलत नहीं है। इस्लाम में भी अपनी मातृभूमि के समक्ष झुकने की बात कही गई है।