भारत और पाकिस्तान विदेश सचिव स्तर की बातचीत के लिए तारी़ख अभी तय नहीं


नई दिल्ली । भारत और पाकिस्तान के बीच विदेश सचिवों के बीच बातचीत की कोई तारी़ख अभी तय नहीं हुई है। ये कहना है विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप का। उनके मुताबिक दोनों विदेश सचिवों के बीच फिलहाल आपसी सुविधा के हिसाब से किसी तारी़ख पर सहमति नहीं बनी है। ये पूछे जाने पर कि पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित के मुताबि़क ये फरवरी में होने की संभावना है, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि संभावना हमेशा बनी रहती है।
इस बीच जानकारी ये भी आ रही है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों पर सलाहकार सरताज अ़जी़ज ने कहा है कि बातचीत कब हो इसको लेकर गेंद अब भारत के पाले में है। इस बाबत पूछे जाने पर विकास स्वरूप ने वही जवाब दोहराया कि दोनों विदेश सचिवों के बीच आपसी सहमति की कोई तारी़ख तय नहीं हुई है। इससे आगे फिलहाल वे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे।
एक सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि पठानकोट को लेकर कार्रवाई योग्य सबूत पाकिस्तान को दिए जा चुके हैं। हालांकि आतंकवाद से जुड़ा मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मुला़कात में होना तय हुआ है लेकिन विदेश सचिव स्तर की बातचीत जब भी होगी, पठानकोट हमले का मामला भी उठेगा। उन्होंने ये भी साफ किया कि पाकिस्तान के स्पेशल इंवोqस्टगेशन टीम के पठानकोट दौरे को लेकर अभी कोई तारी़ख तय नहीं हुई है।
मुंबई हमला मामले के मुख्य अभियुक्त ़जकीउर्र रहमान लखवी की आवा़ज के नमूने को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से अभी तक ऐसी कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है कि उन्होंने भारत की इस मांग को ठुकरा दिया है।
विकास स्वरूप ने ़जोर दिया कि मुंबई हमला मामले पाकिस्तान की गंभीरता को मापने का एक आधार है। ९९ फीसदी सबूत उसे सौंपे जा चुके हैं और अब ये पाकिस्तान पर है कि वो इसकी जांच को आगे बढ़ाए और दोषियों को स़जा तक पहुंचाए।