ब्लैकमनी खातेदारों के नाम हमने पहले ही बताए थे: केजरी


नईदिल्ली। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरिंवद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि ाqस्वट्जरलैंड ाqस्थत एचएसबीसी बैंक के जिन भारतीय खातेदारों के नाम उजागर किए हैं उन नामों का खुलासा उन्होंने ९ नवंबर २०१२ को अपने प्रेस कांप्रेंâस में किया था। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि एक अंग्रेजी अखबार में छपे एचएसबीसी के भारतीय खातेदारों के नाम का खुलासा उन्होंने २०१२ में ही उजागकर किया था, लेकिन बड़ा सवाल है कि इस पर पहले कांग्रेस और फिर बाद में भाजपा ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। दोनों र्पािटयों के कुछ लोग हमेशा कहते रहे हैं कि मैं काला धन रखने वाली लोगों की सूची अपने जेब में लिए घूमता हूं। भाजपा सरकार ने खातेदारों को कर चोरी में मदद करने वाले एचएसबीसी के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की।
केन्द्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि गैरकानूनी खाताधारकों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ३५० खाताधारकों की जांच हो चुकी है जिसमें से ६० के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। इसके लगावा शेष खातों की ३१ मार्च तक जांच कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि ४-५ साल पहले ही डाटा आ चुके थे लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। वेंâद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद पिछले सात-आठ महीने में तेजी से काम हो रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि एसआइटी इस तरह की जानकारी का संज्ञान लेने के लिए सक्षम प्राधिकार है। हमें भरोसा है वह उचित कदम उठाएगी। वहीं आप नेता अतिशी मर्लेना ने कहा कि आज जिन नामों के खुलासे की चर्चा हो रही है उसका हमने पहले ही खुलासा कर दिया था। इससे यह स्पष्ट है कि सरकार काले धन को देश में लाने के लिए गंभीर नहीं है।
गौरतलब है कि काले धन को लेकर एचएसबीसी बैंक में दुनिया भर के २०३ देशों के करीब १ लाख खाताधारक हैं जिनमें ११९५ भारतीय हैं। इस सूची में इन खाताधारकों के २००६-०७ में बैंक में जमा रकम का खुलासा भी हुआ, जो करीब २५४२० करोड़ रु हैं, हालांकि ये सारे पैसे काले धन नहीं हैं। इस सूची में उद्योगपति, हीरों के व्यापारी, कांग्रेस के कई नेता और उनके परिवार से जुड़े लोग और अप्रवासी भारतीयों के नाम शामिल हैं। साथ ही कांग्रेस नेता नारायण राणे की पत्नी व बेटे, वसंत साठे के बेटे और बहू, बाल ठाकरे की बहू ाqस्मता ठाकरे, अभिनेत्री महिमा चौधरी आदि के नाम प्रमुख हैं।

नाम ब्लैकमनी
रिलायंस समूह के मुकेश अंबानी (१६५ करोड़)
छोटे भाई अनिल अंबानी (१६५ करोड़)
मां कोकिला बेन, नरेश गोयल (११६ करोड़)
डाबर का बर्मन परिवार (७७.५ करोड़)
अनुराग डालमिया (५९.५ करोड़)
मनु छाबरिया परिवार (७८४ करोड़)
महेश टीकमदास थारानी (२७१.५ करोड़)
पूर्व कांग्रेस सांसद, व्यवसायी अनु टंडन (३५.८ करोड़)
दत्ताराज वासुदेव सलगावकर और दीाqप्त सलगावकर (३२ करोड़)
कुलदीप िंसह ढींगरा और गुरबचन िंसह ढींगरा (२५.६ करोड़)
लाडली प्रसाद जायसवाल (२१.६ करोड़)
श्रवण गुप्ता और शिल्पी गुप्ता (२०९.५६ करोड़)
एडमिरल एसएम नंदा और सुरेश नंदा (१४.२ करोड़)
भद्रश्याम कोठारी परिवार (१९५.६ करोड़)
कुमार वेणु रमन (१८.९७ करोड़)
भूषण लाल साहनी और परिवार (१६.७ करोड़)
मोहम्मद हसीब शॉ (१३.२ करोड़)
धर्मवीर तनेजा (१०.०८ करोड़)
आलोक भारतीया (८.३७ करोड़)
विश्वनाथ गरोदिया (६.६ करोड़)
बिजेंद्र कुमार पोद्दार (५.९ करोड़)