बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिए अवैध धार्मिक स्थल तोड़ने के निर्देश


मुंबई। देशभर में धार्मिक स्थलों को लेकर लोगों की आस्था किसी से छिपी नहीं है। लेकिन अब इसी आस्था पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने चाबुक चलाया है। दरअसल उच्च न्यायालय ने मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई शहरों में सड़कोेंं पर बने अवैध मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे को हटाने के आदेश दिए हैं। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराठ्र सरकार को साल २००९ के बाद बने सभी अवैध धार्मिक स्थलों को मई २०१६ तक तोड़ने के आदेश दिए हैं। सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना है कि मुंबई समेत महाराष्ट के कई शहरों में सड़क के बीचो-बीच ही लोगों ने गलत तरीके से मंदिर और मजारें बना रखी हैं, जिसकी वजह से विकास कार्यों में दिक्कत आती है और लोगों को भी जाम जैसी ट्रैफिक की समस्याओं से दो चार होना पड़ता है। याचिकाकर्ता के मुताबिक दक्षिण मुंबई के एक मस्जिद में जब भी नमाज होती है लोग घंटों तक लंबे जाम में फंस जाते हैं। वहीं किसी त्योहार और विशेष दिनों में मंदिरों में भी होने वाली पूजा की वजह से लोगों को काफी दिक्कते होती हैं, लेकिन हाईकोर्ट की दखल के बाद महाराष्ट्र सरकार को साल २००९ के बाद बने सभी अवैध धार्मिक स्थलों को तोड़ने के आदेश दिए हैं।
– मुंबई में ७४१ अवैध धार्मिक स्थल
मुंबई महानगरपालिका के आंकड़ों के मुताबिक मुंबई शहर व उपनगरों में ७४१ अवैध धार्मिक स्थल हैं, जिनमें गैर-कानूनी मंदिर, मस्जिद और चर्च की संख्या ज्यादातर कई कॉलोनी और मोहल्लों में भी अवैध निर्माण है। हाईकोर्ट ने फड़नवीस सरकार को नवंबर २०१५ को अवैध निर्माण पर स्टेटस रिपोर्ट सौंपने को कहा था। लेकिन अब महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाते हुए सभी अवैध धार्मिक स्थल तोड़ने के आदेश दे दिए हैं। ऐसे में महाराठ्र सरकार ने हाईकोर्ट में धार्मिक स्थल हटाने का आश्वासन तो दे दिया है, लेकिन आनेवाले दिनों में ये कदम महाराष्ट्र सरकार के लिए आसान नहीं लगता।