बैंकों ने ठुकराया माल्या का प्रस्ताव


नई दिल्ली । बैंकों के एक संघ ने गुरुवार को कारोबारी विजय माल्या के 4000 करोड़ वापस करने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इनमें से आधे बैंकों का खत्म हो चुकी कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस का बकाया है। बकाएदारों बैंकों के नेतृत्व के तौर पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट को इस आशय की जानकारी दी।

सुप्रीम कोर्ट ने माल्या को 21 अप्रैल तक अपनी, अपनी पत्नी और बच्चों की कुल संपत्ति का खुलासा करने को कहा है। इसके अलावा कुछ राशि कोर्ट में भी जमा करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी। कोर्ट ने माल्या के वकील से ये भी कहा, वे बताएं कि माल्या भारत कब वापस आ रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट में बैंकों के इस फैसले के बाद अब किंगफिशर ने दो और हफ्ते की वक्त मांगा है ताकि एक नया प्रस्ताव लोन वापसी का पेश किया जा सके। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक माल्या पर पिछले नवंबर तक कुल 9091 करोड़ ब्याज समेत बकाया हैं, इनमें किंगफिशर का भी उधार है जो अक्टूर 2012 में बंद किया जा चुका है।

माल्या के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में पिछले हफ्ते कहा था कि वह सितंबर तक 4000 करोड़ वापस लौटना चाहते हैं, इसके अलावा 2000 करोड़ और दे सकते हैं अगर किंगफिशर इंजन खराब होने की अपनी कानूनी जंग जीत जाता है तो। सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों ने माल्या के प्रस्ताव पर अपना पक्ष रखने को एक हफ्ते का वक्त दिया था।