बेटे को ठेका देकर फंसे सिद्धारमैया


बेंगलुरु .  कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने बेटे की वंâपनी को सरकारी ठेका देकर पंâसते ऩजर आ रहे हैं. इस सूचना के बाद पार्टी में उनका विरोधी खेमा सक्रीय हो गया है. खबर तो यहाँ तक है कि जो हश्र भाजपा में येदियुरप्पा का हुआ था वही कांग्रेस में सिद्धारमैया का हो सकता है. बहरहाल यतींद्र सिद्धारमैया की मैट्रिक्स इमेिंजग सॉल्यूशंस को बेंगलुरू के सरकारी अस्पताल में जांच लैब बनाने का मिला ठेका फिलहाल विवादों में है.विपक्षी दल इस पूरे मामले को लेकर सिद्धारमैया पर सवाल खड़े कर रहे हैं. उनकी मांग इस ठेके को रद्द करने की है. मैट्रिक्स इमेिंजग सॉल्यूशंस एक निजी वंâपनी है और यतींद्र इसके डायरेक्टर हैं. वंâपनी को बेंगलुरू के सरकारी अस्पताल में जांच लैब बनाने का ठेका दिया गया है.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पहले से ही ५२ लाख की घड़ी पहनने और भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करने वाली संस्था लोकायुक्त को कमजोर करने के कारण आलोचकों के निशाने पर रहे हैं. ता़जा मामला उनके बेटे से जुड़ा है जो चिकित्सक हैं. पैथोलॉजिस्ट यतींद्र सिद्धारमैया बेहद ही अंतर्मुखी स्वभाव के हैं और वह शायद ही कभी मीडिया में दिखाई देते हैं. वहीं उनके पिता सिद्धारमैया पिछले तीन दशक से राजनीति में हैं और पिछले तीन सालों से कर्नाटक के मुख्यमंत्री हैं.
यतींद्र अपने आप को मीडिया से बेहद दूर रखते हैं. यही वजह है कि सार्वजनिक दायरे में उनके पिता के साथ उनकी एक भी तस्वीर मौजूद नहीं है. हालांकि इन सबके बावजूद वह विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं. नैतिकता और मुख्यमंत्री के आचरण को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं.