बिहार में शिक्षकों को मिलेगी तीन साल की छुट्टी


पटना । बिहार में अप्रशिक्षित माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षक अब प्रशिक्षण के लिए तीन वर्ष का अवकाश ले सवेंâगे। इस दौरान सरकार शिक्षकों को वेतन का भुगतान करेगी, लेकिन इसके लिए उन्हें बांड भरना होगा कि प्रशिक्षित होने के बाद वे पांच साल तक अध्यापन करते रहेंगे। राज्य मंत्रिपरिषद ने जिला परिषद एवं नगर निकाय माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षक नियोजन एवं सेवा शर्त नियमावली-२०१६ को स्वीकृति प्रदान कर दी। वैâबिनेट के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि अब व्यवस्था बनाई गई है कि जो अप्रशिक्षित शिक्षक हैं उन्हें अगले तीन वर्षों में बीएड की डिग्री लेनी होगी। इसके लिए सरकार अभ्यर्थी को तीन वर्ष का सवैतनिक अवकाश देगी। इसके एवज में अभ्यर्थी को बांड देना होगा कि वह पांच वर्षों तक शिक्षण कार्य करते रहेंगे।
यदि किसी कारणवश वे नौकरी छोड़ते हैं तो उन्हें तीन साल के दौरान वेतन मद में दी गई राशि वापस करनी होगी। संशोधित नियमावली में और भी बदलाव किए गए हैं। पूर्व में व्यवस्था थी कि अभ्र्यिथयों को नियोजित होने की सूचना डाक से दी जाती थी। एक महीने के अंदर नियोजित अभ्यर्थी को पद पर योगदान करना होता था। इसमें कई बार होने वाले विलंब को देखते हुए नई व्यवस्था बहाल की गई है कि अब नियोजित होने वाले अभ्यर्थी को शिक्षा विभाग अपने स्तर से अथवा वैंâप लगाकर नियोजन पत्र सौंपेगा।