बाढ़ग्रस्त कश्मीर में मुफ्ती ने मांगी सेना की मदद


० श्रीनगर पहुंचे नकवी, शाम को सौंपेंगे पीएम को रिपोर्ट
० हिमस्खलन में दस लोगों मौत
० बडगाम में मकान मलबे में १६ लोगों के दबने की आशंका
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने घाटी में आये बाढ़ से निपटने के लिए सेना की मदद मांगी है। उन्होंनें बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और उन तक जरूरी सामान भेजने के लिए केन्द्र से सेना की मदद मांगी है। अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के साथ-साथ अधिकारियों की उच्चस्तरीय टीम ाqस्थति का आकलन करने के लिए श्रीनगर पहुंच गई है। केन्द्रीय गृह-राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि वेंâद्र जम्मू-कश्मीर को हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। राज्य को जो भी समन्वय, सामग्री या वित्तीय सहायता के रूप में आवश्यक है, उसे तुरंत भेजा जाएगा। इधर गृह मंत्रालय भी राज्य सरकार के संपर्वâ में है और ाqस्थति पर नजर बनाए हुए है।
जम्मू कश्मीर में शनिवार से जारी मूसलाधार बारिश और हिमस्खलन से बडगाम जिले में घरों के जमीन में धंस जाने से १० लोगों की मौत की खबर है। पुलिस ने बताया कि बडगाम जिले में चरार-ए-शरीफ क्षेत्र के लादेन गांव में दो मकान ढह गए, जहां मलबे के नीचे १६ लोगों के दबे होने की आशंका है। मलबे को हटाने का काम जारी है। अभी तक १० शव निकाले जा चुके हैं। सीआरपीएफ और राज्य पुलिस की ओर से राहत कार्य जारी हैं। इससे पहले बडगाम जिले के चोंटिनार गांव में शनिवार को भूस्खलन से आठ मकान और १० गोशालाएं नष्ट हो गई थीं। कम से कम २६ मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार से हो रही भारी बारिश से चरार-ए-शरीफ इलाके में जबर्दस्त भूस्खलन हुआ, जिससे १८ मकान सहित ४४ संपत्तियां क्षतिग्रस्त हो गर्इं।
०झेलम नदी उफान पर
भारी बारिश की वजह से झेलम नदी इस वक्त खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी के दोनों किनारों पर बसे लोगों के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है और उन्हें जल्द से जल्द घर खाली करने के लिए कहा गया है। मौसम विभाग ने आगामी ७२ घंटों तक बारिश होने की आशंका जताई है। एनडीआरएफ के जवान राहत और बचाव कार्य में जुट गए हैं।
०श्रीनगर-जम्मू हाईवे बंद
कई जगहों में भूस्खलन की वजह से श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग बंद करना पड़ा है। । शनिवार को इस सड़क को मरम्मत के लिए बंद किया गया था, लेकिन फिर से बारिश होने से इसे दूसरे दिन भी बंद रखा गया। सोमवार को उधमपुर के पास चट्टान खिसकने से फिर रास्ता बंद हो गया है।
०राज्य सरकार ने भी संभाला मोर्चा
इस बीच श्रीनगर का दौरा करके वापस जम्मू पहुंचे जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा है कि बाढ़ राज्य सरकार बाढ़ से प्रभावित उन लोगों को भी मुआवजा देने की कोशिश करेगी, जिनका बीमा नहीं है। राज्य के पूर्व मुख्यंत्री उमर अब्दुल्ला ने मांग की है कि हमें पिछले दिनों के अनुभव को अब इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों ने सितंबर में बचाव और राहत कार्य की कमान संभाली थी, उन्हें दोबारा यह जिम्मेदारी देनी चाहिए।
०अभी सेना बुलाने की जरूरत नहीं’
राज्य सरकार का कहना है कि अभी सेना की मदद लेने की योजना नहीं है। पीडीपी और बीजेपी की गठबंधन सरकार में मंत्री नईम अख्तर ने बताया, ‘सेना हमेशा सतर्वâ रहती है, लेकिन बोझ से निपटने के लिए सेना को बुलाने की योजना अभी नहीं है। हमारा प्रशासन आपदा प्रबंधन के लिए पूरी तरह तैयार है।
०अफवाहों से पैâल रही घबराहट’
उप मुख्यमंत्री निर्मल िंसह ने विधानसभा में कहा कि बाढ़ में कुछ लोगों के मारे जाने और २१ के लापता होने की सूचना मिली है, लेकिन इसकी पुाqष्ट होना बाकी है। उन्होंने कहा कि यूटयूब और दूसरी सोशल वेबसाइटों पर बाढ़ को लेकर अफवाह पैâलाई जा रही है, जिससे लोगों की घबराह बढ़ रही है, क्योंकि २०१४ का भयानक मंजर लोग अब तक नहीं भूले हैं।

 

जम्मू कश्मीर बाढ़, दो मकान धसने से 8 लोगों की मौत
– नकवी श्रीनगर रवाना
जम्मू । जम्मू कश्मीर सरकार ने लगातार हो रही बारिश से झेलम नदी में पानी का स्तर बढ़ने के बाद बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया। मौसम विभाग ने भी घाटी में भारी बर्फबारी की आशंका जताई है और कहा कि ७२ घंटों तक मौसम सुधरने वाला नहीं है। श्रीनगर से २० किलोमीटर दूर बडगाम में बांध टूटने से निचले इलाकों में पानी घुस गया है। बडगाम के छादूरा इलाके में दो घर जमीन में धंस गए हैं जिसमें ८ लोगों की मौत हो गई है और १३ लोग लापता हैं। पीएम मोदी ने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को बाढ़ का जायजा लेने के लिए श्रीनगर जाने के लिए कहा है। नकवी दोपहर १२.३० बजे श्रीनगर पहुचेंगे। राज्य प्रशासन ने सेना से मदद मांगी है। रेस्क्यू ऑपरेशन में स्पेशलिस्ट एनडीआरएफ के १०० जवान भी जम्मू कश्मीर पहुंच रहे हैं। श्रीनगर में झेलम नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। हालांकि पानी अभी शहर में घुसा नहीं है। पानी का स्तर २३ फीट है। २४ फीट जलस्तर होने पर शहर में पानी घुसता है। पिछले साल पानी का स्तर ३२ फीट हो गया था।
सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि झेलम नदी के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क और चौकन्ना रहने को कहा गया है। बुजुर्ग लोगों और बच्चों को भी सुरक्षित स्थानों या घाटी में स्थापित शिविरों में जाने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि बाढ़ नियंत्रण ड्यूटी के लिए तैनात सभी कमिNयों से तत्काल ड्यूटी पर रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। यदि जल स्तर २३ फुट से उपर जाता है तो राज्य में जबर्दस्त राहत अभियान चलाना होगा और लोगों को नदी के आसपास के क्षेत्रों से निकालना पड़ेगा। वहीं मौसम विभाग के मुताबिक अगले ७२ घंटों में जम्मू-कश्मीर में मौसम सुधरने की कोई गुंजाइश नहीं है। घाटी में भारी बर्फवारी की आशंका भी बनी हुई है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने ३० और ३१ मार्च को आठवीं कक्षा तक स्कूल बंद रखने के निर्देश जारी किया है। दो दिनों से हो रही जोरदार बारिश के कारण जम्मू-कश्मीर के पूंछ में निचले इलाकों में नदी का पानी घुस गया है। कलई गांव में करीब चार दर्जन लोगों के फंसने की आशंका है। लगातार हो रही बारिश के कारण जम्मू कश्मीर के पुलवामा में बाढ़ जैसे हालात बन गए है और लोग घर छोड़ कर सुरक्षित जगहों पर जाने की तैयारी में जुट गए है। आपको बता दें कि मौसम विभाग ने भी कुलगाम, पुलवामा, बारामूला, कुपपवारा, बांदीपोरा, गांदरबल और करगिल में भूस्खलन की चेतावनी जारी कर दी है। पंजाब के बठिंडा से ५०-५० कर्मियों वाले राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो टीमें भारतीय वायुसेना के विमान से श्रीनगर के लिए रवाना हुईं। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद और बठिंडा में चार अन्य टीमों को भी तैयार रखा गया है। डीजी ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है और राज्य सरकार बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती सहित सारे प्रयास कर रही है। पिछले साल बाढ़ से जलमग्न हुए कश्मीर घाटी में बड़े पैमाने पर हुए राहत और बचाव अभियानों में अन्य सुरक्षा बलों के साथ एनडीआरएफ ने अहम भूमिका निभाई थी। राज्य के इतिहास में यह अब तक की सबसे भीषण बाढ़ थी।