फसल और स्वास्थ्य बीमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता-जेटली


-विकास दर बढ़ाने और महंगाई दर घटाने में सफल रही सरकार
नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज वर्ष २०१६-१७ का बजट प्रस्तुत किया। विपक्ष के हंगामे से शुरू हुए बजट भाषण में अरुण जेटली ने कहा कि दुनिया भर के देशों का भारत की अर्थ व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है। पिछली सरकार की खराब अर्थ व्यवस्था हमें विरासत में मिली थी। वैश्विक मंदी वन रेंक पेंशन तथा कुछ क्षेत्रों में कटौती के बाद भी हम पूर्ववर्ती सरकार की ६.३ फीसदी विकास दर को ७.६ फीसदी पर लाने में सफल रहे।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय उपभोक्ता महंगाई सूचांक ९.४ फीसदी पर पहुंच गया था। उसे हमारी सरकार ने ५.४ फीसदी के स्तर पर लाकर उपभोक्ताओं से राहत देने का काम किया है। जेटली ने कहा कि पिछले वर्षो में भारत की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है। चालू घाटा कम हुआ है। सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता राजकोषीय व्यवस्था को मजबूत बनाना है। वैश्विक मंदी से बचते हुए विकास दर को बनाये रखना है। सरकार कृषि, सामाजिक क्षेत्र तथा बैंकों की पूंजी, पुनर्गठन व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल किया है।
जेटली ने जन कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों की आय सुनिश्चित करने और जोखिम खत्म करने के लिए फसल बीमा योजना शुरू की जा रही है। इस योजना में किसानों को कम प्रीमियम पर बीमा वंâपनियों से ज्यादा सुरक्षा और मुआवजा मिलेगा। किसानों की आय प्रधानमंत्री द्वारा २०२२ तक दो गुना करने का लक्ष्य रखा है। जिसे हमारी सरकार पूर्ण करेगी। स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से एक तिहाई आबादी का स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित किया ज रहा है। बीपीएल परिवारों को रसोई गैस सब्सिडी देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।