प. बंगाल में आयोग चाहता है निष्पक्ष चुनाव


कोलकाता.  प. बंगाल की राजनीति ने भले ही करवट बदल ली हो किन्तु चुनाव आयोग यहाँ निष्पक्ष चुनाव के लिए कुछ ज्यादा ही सतर्वâ और मुस्तैद दिखाई दे रहा है. आयोग द्वारा मतदान तिथियों की घोषणा से काफी पहले ही पाqश्चम बंगाल के तमाम जिलों में वेंâद्रीय अर्धसैनिक बलों की १०० टुकड़ियों ने फ्लैग मार्च शुरू कर दिया था. जल्द ही ६०० अन्य टुकड़ियां भी इनमें शामिल होंगी.
इससे पहले कभी भी पाqश्चम बंगाल में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए अर्धसैनिक बलों की इतना भारी तादाद चुनाव आयोग द्वारा नहीं लगाई गई थी. २०१४ के लोकसभा चुनाव में भी अर्धसैनिक बलों की यह संख्या ५०० तक ही सीमित रही थी. वह भी मतदान के एक दिन पहले ही तैनात की गई थीं.
लेकिन इस बार अर्धसैनिक बल एक मार्च को ही पहुंच गए और अपनी बैरकों-शिविरों में रुकने के बजाए फ्लैग मार्च शुरू कर दिया. चार अप्रैल से लेकर १६ मई तक पाqश्चम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और वेंâद्र शासित प्रदेश पुड्डुचेरी में विभिन्न चरणों में विधानसभा चुनाव की घोषणा की जा चुकी है.
बंगाल में चुनावी िंहसा का इतिहास काफी पुराना रहा है. बूथ वैâप्चिंरग के मुद्दे पर मतदान वाले दिन अक्सर खून खराबे की घटनाएं होती रही हैं. चुनाव आयोग द्वारा बढ़ाई जाने वाली सतर्वâता और तमाम टेलीविजन चैनलों की मौजूदगी के बावजूद भी यहा िंहसा रुकी नहीं. बंगाल में कुल ७७,२४६ मतदान वेंâद्र हैं, जिनमें से २३,८०९ की संवेदनशील और ८,१७२ की अतिसंवेदनशील के रूप में पहचान की गई हैै.