प्रभु आज करेंगे रेल बजट पेश


रेल बजट में पेश कर सकते है साधन जुटाने की नई योजनाएं
नई दिल्ली । रेलवे की वित्तीय खस्ताहाली के बीच रेल मंत्री सुरेश प्रभु अपना पहला बजट पेश करेंगे जिसमें किराये-भाड़े पर लोगों की नजर होगी साथ ही लोग यह भी देखेंगे कि बजट सेवाओं में सुधार, सुरक्षा और साफ सफाई के लिए क्या पहल की जा रही है। बजट में नयी सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ पहल से जुड़े प्रस्ताव शामिल किए जाने की भी संभावना है। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा डीजल के दाम में कमी के बावजूद किराये में कटौती की संभावना से इनकार कर चुके हैं, लेकिन प्रभु के समक्ष अपने बजट में रेलवे की आमदनी और भारी आवश्यकताओं के बीच संतुलन साधने की एक बड़ी चुनौती होगी। प्रभु माल भाड़े को उंचा कर यात्री सेवाओं को सस्ता रखने की आड़ी सब्सिडी को घटाने के बारे में योजना का खुलासा कर सकते हैं। रेलवे में आड़ी सब्सिडी २४,००० करोड़ रुपए तक पहुंच गयी है। साथ ही वह माल भाड़े में वृद्धि या बिना वृद्धि के वस्तुओं की कुल राष्ट्रीय ढुलाई में रेलवे की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिये उपायोग की भी घोषणा कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि २०१२-१३ से पहले १० साल तक रेल किराये में कोई वृद्धि नहीं हुई। तत्कालीन रेल मंत्री तथा तृणमूल कांग्रेस के नेता दिनेश त्रिवेदी ने २०१२-१३ में रेल किराये में वृद्धि की लेकिन बाद में द्वितीय तथा स्लीपर क्लास में की गयी वृद्धि को वापस ले लिया गया। उसके बाद रेल किराये में वृद्धि हो रही है। पिछले साल जुलाई में नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार के पहले रेल बजट में यात्री किराये और माल भाड़े में क्रमश: १४.९२ प्रतिशत तथा ६.५ प्रतिशत की वृद्धि की गयी। हालांकि डीजल के दाम में कमी जरूर हुई लेकिन दूसरी तरफ बिजली की लागत चार प्रतिशत से अधिक बढ़ी है जो ईंधन समायोजन लागत के लिये संतुलन का काम किया है। रेलवे २०१३ से शुल्क समीक्षा नीति को अपना रहा है।

किराया बढ़ाने की वजह रेल में सुरक्षा-सफाई पर रहेगा जोर
नई दिल्ली। मोदी सरकार अपना पहला रेल बजट पेश करने जा रही है। आखिर इस बजट से क्या उम्मीदें की जाएं रेलवे सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार रेल बजट के जरिए इनवेस्टमेंट को बढ़ाने की कोशिश करेगी। रेलवे के मॉडर्नाइजेशन पर भी ध्यान होगा। बेहतर सुरक्षा के लिए कोच और स्टेशनों में सीसीटीवी लगाया जाएगा। नई ट्रेनों का ऐलान कम होगा, जरूरत और खर्च के हिसाब से ही नई ट्रेनों का ऐलान होगा। २०१६ के बाद से सभी कोच में बायो टॉयलेट होंगे, पुराने कोच में ग्रीन टॉयलेट होंगे। वहीं रेलवे भी मेक इन इंडिया पर जोर देगी। प्रधानमंत्री दफ्तर से रेल बजट को लेकर कई सारे सुझाव दिए गए हैं जिन्हें रेल मंत्री सुरेश प्रभु अपने पहले रेल बजट में शामिल करेंगे। किरायों में इजाफे की उम्मीद कम है। हाई स्पीड कॉरीडोर और ट्रेनों के लिए ज्वाइंट वेंचर और एफडीआई पर जोर दिया जा सकता है। पीपीपी मॉडल के जरिए पैसे जमा करने की कोशिश पर जोर होगा, आने वाले दिनों में विज्ञापन ज्यादा देखने को मिल सकते हैं वहीं मौजूदा प्रोजेक्ट्स को जल्द खत्म करने पर भी जोर होगा। ५९ हजार कोच को वैक्यूम टॉयलेट बनाया जाएगा, स्वच्छ रेलवे पर जोर दिया जाएगा।