पीएम मोदी के मन की बात…उठाया सूखे और पानी का मुद्दा


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को एक बार फिर देश के लोगों से रेडियो के जरिए ‘मन की बात’ कर रहे हैं। रेडियो पर मन की बात कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार देश में सूखे और पानी की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पानी केवल किसानों का विषय नहीं है। यह तो गरीब हो या अमीर सबके लिए अहम है। मुझे खुशी है कि इस माध्यम से लोगों से जुड़ पाता हूं।  उन्होंने कहा कि गर्मी बढ़ती जा रही है। मॉनसून के एक हफ्ते देर से आने की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है। देश का बड़ा हिस्सा आग से जल रहा है। 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस है। यूएन में तो चर्चा होगी ही, लेकिन हमें भी पर्यावरण बचाने की चर्चा करनी है। पिछले दिनों उत्तराखंड में आग लगी थी। इसका कारण भी यही था। पिछले दिनों सूखे की मार झेल रहे 11 राज्यों के सीएम के साथ चर्चा का अवसर मिला। मैंने हर राज्य के सीएम के साथ अलग से मीटिंग की। आमतौर पर यही बात होती है कि केंद्र से कितने पैसे मिले और उन्होंने कितने खर्च किए। मैंने नीति आयोग से कहा है कि बेस्ट प्रैक्टिसेस को कैसे प्रयोग में लाया जाए। इन सबमें जनभागीदारी सफलता का बड़ा कारण बनती है। पानी परमात्मा का प्रसाद है। एक बूंद भी बर्बाद नहीं होनी चाहिए। मीडिया भी भागीदार बने पानी बचाने में।

लाइव अपडेट्स

-रियो ओलिंपिक के लिए सभी खिलाडिय़ों का उत्साह बढ़ाएं।
-रियो ओलिंपिक के लिए सभी खिलाडिय़ों का उत्साह बढ़ाएं।
-पूरी दुनिया कैशलेस सोसायटी की तरफ़ आगे बढ़ रही है, इलेक्ट्रॉनिक टेक्नॉलजी शुरुआत में थोड़ी कठिन लगेगी, लेकिन एक बार आदत लगेगी, तो ये व्यवस्था सरल हो जायेगी।
-पूरी दुनिया कैशलेस सोसायटी की तरफ आगे बढ़ रही है, इलेक्ट्रॉनिक टेक्नॉलजी शुरुआत में थोड़ी कठिन लगेगी, लेकिन एक बार आदत लगेगी, तो ये व्यवस्था सरल हो जायेगी।
-मैं आशा करता हूँ कि मीडिया पानी बचाने की दिशा में लोगों का मार्गदर्शन करे, अभियान चलाए।
-मैं देशवासियों को भी कहता हूँ कि जून, जुलाई, अगस्त, सितम्बर – हम तय करें, पानी की एक बूँद भी बर्बाद नहीं होने देंगे।
-राजस्थान और गुजरात में बावडिय़ाँ को जलमंदिर के रूप में पुनर्जीवित करने का एक बड़ा अभियान चलाया है।
-यूपी में ‘मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान’, कर्नाटक में ‘कल्याणी योजना’ के रूप में कुओं को फिर से जीवित करने की दिशा में काम आरम्भ किया है।
-छत्तीसगढ़ ने ‘लोकसुराज – जलसुराज अभियान’ चलाया है 7 रूक्क ने ‘बलराम तालाब योजना’ में कऱीब-कऱीब 22000 तालाब बनाए जाएंगे।
-तेलंगाना के भाइयों ने ‘मिशन भागीरथी’ के द्वारा गोदावरी और कृष्णा नदी के पानी का बहुत ही उत्तम उपयोग किया।
-खेती में पर ड्रॉप मोर क्रॉप, माइक्रो तकनीक से सिंचाई, कम-से-कम पानी से होने वाली फसल आदि आधुनिक पद्धतियों का उपयोग करे।
-पानी परमात्मा का प्रसाद है, एक बूंद भी बर्बाद हो, तो हमें पीड़ा होनी चाहिए।
-देश में खेती के तरीकों को बदलने का समय आ गया है, परफेक्ट प्लॉनिंग, टेक्नॉलजी, समय-सीमा में व्यवस्थाओं को पूर्ण करने का प्रयास अच्छे परिणाम दे सकता है।
-सूखे की स्थिति से निपटने के लिए कई राज्यों ने बहुत ही उत्तम प्रयास किये हैं, मैंने तो नीति आयोग को कहा है कि जो अच्छे प्रयास हैं, उनको सभी राज्यों में कैसे लागू किया जाए।