पार्टी में लोकतंत्र को लेकर दृढ़ संकल्प राहुल


नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी में लोकतंत्र की प्रक्रिया को अपनाने को लेकर कृत संकल्प है तथा वह कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्यों के चयन के लिए कई वर्षों से समाप्त परम्परा को फिर से शुरू कर सकते है। कांग्रेस वर्विंâग कमेटी पार्टी के प्रमुख निर्णयों को लेने वाली समिति है। भारतीय जनता पार्टी के पूरे देश में बढ़ते प्रभाव से चिंतित कांग्रेस पार्टी संगठन को मजबूत बनाने में कोई कमी नहीं रखना चाहेगी। खासतौर पर लोकसभा २०१४ चुनाव में पार्टी को मिली हार के बाद कई वरिष्ठ नेता दबी जुबान ही सही नेतृत्व के खिलाफ असंतोष का संकेत दे चुके है। कई कांग्रेस नेता राहुल को पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने की वकालत कर चुके है। तथा संभवतः वह सोनिया गांधी के बाद कांग्रेस अध्यक्ष बन सकते है। कांग्रेस कार्य समिति का पिछला चुनाव १९९७ में किया गया था एवं उस समय पार्टी अध्यक्ष सीताराम केसरी थे। लेकिन १९९८ में सोनियां गाधी के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद सीडब्ल्यूसी का चुनाव नहीं हुआ है। इससे पहले दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में सोनिया गांधी ने भी दो नवम्बर २०१० को एक बैठक में कहा था कि सीडब्ल्यूसी का नामिनेशन आसान नहीं होता तथा समिति का सदस्य नहीं बनाए जाने पर कई नेता असंतुष्ट भी हो जाते है।