पाकिस्तान में भारतीय कैदियों की किडनी निकालकर उतारते हैं मौत के घाट


– पाक से छूटकर आए भारतीय कैदियों का खुलासा
नई दिल्ली। एक ओर पाकिस्तान सद्भावना के आधार पर भारतीय कैदियों की रिहाई करके अपनी छवि सुधारने का प्रयास कर रहा है, दूसरी ओर पाकिस्तान की जेल में भारतीय वैâदियों की किडनी निकाल कर उन्हें मौत के घाट उतारा जा रहा है। पाकिस्तान की जेल में भारतीय वैâदियों की किडनी निकालकर उन्हें सीधे दफना दिया जाता है। इस बात का खुलासा पाकिस्तान की जेल से छूटकर सोमवार रात अटारी बॉर्डर भारत लौटे भारतीय वैâदियों ने की है। दरअसल अभी भी पाकिस्तान की जेल से ८ भारतीय वैâदी लापता हैं। ये सभी उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के अलग-अलग गांवों के हैं।
बांदा के संतोष, भोला, शिवशरण, धनराज, महेन्द्र, विक्रम एवं दिनेश ने मीडिया को बताया कि पाकिस्तान की जेलों में बंद भारतीय वैâदियों की किडनी निकालकर उन्हें मौत के घाट उतारा जा रहा है। जेल में उन्हें दफना भी दिया जाता है। शव भी देखने नहीं दिया जाता है। हर बात मौत का कारण पीलिया या मलेरिया ही बताया जाता है।
पाकिस्तान की लांड्री जेल से छूटे इन भारतीय वैâदियों ने बताया कि बांदा के रफीक मोहम्मद, सदीक मोहम्मद, आशि, राजा राम, शिव कुमार, कामता, अशोक व रघुराम भी मार्च २०१४ में गिरफ्तार हुए थे, पर पाक जेल में इनकी कोई जानकारी नहीं है। इन्हें अलग बैरक में रखा गया था। पता नहीं अब वह जिंदा भी हैं या नहीं।
अल्लाह बोलने पर रोटियांः- पाकिस्तान की जेलों में भारतीय वैâदियों को अल्लाह बोलने पर रोटियां खाने को मिलती हैं। इन्हें २४ घंटे में मात्र तीन रोटियां मिलती हैं। ये रोटियां भी तब दी जाती हैं जब अल्लाह तीन बार कहते हैं। अल्लाह न कहने वालों की पिटाई की जाती है और भूखा रखा जाता है।
१७२ मछुआरे पहुंचे गुजरातः- दो दिन पूर्व पाकिस्तान से रिहा १७२ भारतीय मछुआरे बुधवार को ट्रेन से अहमदाबाद पहुंचे। ये सभी मंगलवार शाम अहदाबाद-कटरा एक्सप्रेस से रवाना हुए और अहमदाबाद पहुंच चुके हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने पिछले साल नवंबर में ४० भारतीय वैâदियों को रिहा किया था।