पाकिस्तानी हैंडलर का मोबाइल चांदनी चौक से होता था रिचार्ज


नई दिल्ली । पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई का हैंडलर भारत से गुप्त सूचनाएं लेने के लिए भारतीय वोडाफोन कंपनी के सिम का प्रयोग कर रहा था। हैंडलर अटारी बॉर्डर आकर इस सिम का प्रयोग करता था। अटारी बॉर्डर पर स्थित वोडाफोन के भारतीय टावर का प्रयोग करता था। इस टावर से सिग्नल पाकिस्तान में बार्डर तक जाते हैं। वह इसी सिम पर वाट्सऐप का भी इस्तेमाल कर रहा था। हैंडलर को लेकर हुए खुलासे ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को सकते में डाल दिया है। बॉर्डर पर स्थित मोबाइल टावर भारती सुरक्षा एजेंसियों को सकते में डाल दिया है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा में तैनात एसीपी केपीएस मल्होत्रा व इंस्पेक्टर पीसी यादव की टीम ने आईएसआई के लिए जासूसी करने वाले जम्मू कश्मीर मॉड्यूल का नवंबर महीने के आखिर में पर्दाफाश किया था। दिल्ली पुलिस ने कफायतुल्ला, शिक्षक साबिर, सेना के पूर्व हवलदार मुनव्वर, सेना का रायफल मैन फरीद और बीएसएफ के हवलदार रशीद को गिरफ्तार किया था। ये सब आईएसआई हैंडलर फैजल के संपर्क में थे और सेना व एयरफोर्स की गुप्त सूचनाएं दे रहे थे। अपराध शाखा ने सोमवार को फर्जी कागजात से सिम बेचने वाले मोहित कुमार को गिरफ्तार किया था। मोहित ने फर्जी कागजात से जो सिम बेचा था वह फैजल तक पहुंच गया था। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फैजल करीब डेढ़ वर्ष से भारतीय सिम का प्रयोग कर रहा था। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को इसलिए संदेह नहीं होता था कि भारतीय सिम था और मोबाइल टावर भी भारत का था।
पुलिस जांच में पता लगा है कि फैजल अटारी बॉर्डर पर इसलिए आता था कि मोबाइल अटारी बॉर्डर स्थित भारतीय मोबाइल टावर का सिग्नल पकड़ लेते थे। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए हैंडलर ऐसे करता था। जांच में ये बात भी सामने आई है कि फैजल का मोबाइल दिल्ली के चांदनी चौक से रिचार्ज होता था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि सिम कैसे पाकिस्तान हैंडलर के पास पहुंच गया। फैजल जम्मू-कश्मीर मॉड्यूल के सदस्यों के अलावा कई और लोगों से बात करता था। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि इस मामले में जल्द ही दो से तीन गिरफ्तारियां हो सकती हैं।