पहला मेड इन इंडिया स्पेस शटल लॉन्च


नई दिल्ली. भारत ने सोमवार को अपना पहला स्पेस शटल लॉन्च कर दिया. इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) की ये लॉन्चिंग ऐतिहासिक है क्योंकि यह फिर से इस्तेमाल किया जा सकनेवाला शटल पूरी तरह भारत में बना है. इसे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से सुबह 7 बजे लॉन्च किया गया. अभी ऐसे रियूजेबल स्पेस शटल बनाने वालों के क्लब में अमेरिका, रूस, फ्रांस और जापान ही हैं.

चीन ने कोशिश तक नहीं की है. आरएलवी-टीडी अमेरिकन स्पेस शटल की तरह ही है. इसके जिस मॉडल का प्रयोग किया जाएगा, वह इसके अंतिम रूप से 6 गुना छोटा है. इसका मूल वर्जन बनने में 10-15 साल लगेंगे.स्पेस शटल रियूजेबल लॉन्च व्हीकल-टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर (आरएलवी-टीडी) से लॉन्च हुआ. ये व्हीकल स्पेस शटल को ऑर्बिट में छोड़कर एक एयरक्राफ्ट की तरह वापस आने लायक बनाया गया है. इसे दोबारा से यूज किया जा सकेगा.

इससे स्पेस मिशन की कॉस्ट 10 गुना कम हो जाएगी. इसरो के इंजीनियर्स का मानना है कि सैटेलाइट्स को ऑर्बिट में स्थापित करने की लागत कम करने के लिए रियूजेबल रॉकेट काफी कारगर साबित हो सकता है. साइंटिस्ट्स की मानें तो रियूजेबल टेक्नोलॉजी के यूज से स्पेस में भेजे जाने वाले पेलोड की कीमत 2000 डॉलर,किलो (1.32 लाख/किलो) तक कम हो जाएगी. व्हीकल के आधुनिक संस्करण को स्पेस के मैन्ड मिशन में यूज किया जा सकेगा. इस सफलता के साथ भारत एलीट क्लब में शामिल हो गया है.