परिवार नियोजन के पालन पर ही मुस्लिमों मताधिकार : सामना


मुम्बई। मुसलमानों के मताधिकार पर पहले से विवादों में पंâसी शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में इस ओर एक और विवादित लेख लिखा है। मुखपत्र के संपादक और पार्टी नेता संजय राउत ने अपने नए लेख में सिर्पâ उन लोगों को मतदान का अधिकार देने की बात कही है जो परिवार नियोजन करवाते हैं। संजय राउत ने अपने लेख में लिखा है, ‘सिर्पâ १४ करोड़ मुसलमानों की खुशामद करने में देश की राजनीति हमेशा मशगूल रहती है, अगर ये देश िंहदुओं का नहीं तो इस देश में धर्मनिरपेक्षता की आड़ में मुगलों का राज भी नहीं लाने दिया जाएगा। मुसलमान इस देश के दुश्मन नहीं, लेकिन मुाqस्लम वोट बैंक की राजनीति देश को नुकसान पहुंचा रही है। देश में सिर्पâ उन लोगों को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए जो परिवार नियोजन करवाते हैं।
यही नहीं, राउत ने नजमा हेपतुल्ला और मुख्तार अब्बास नकवी पर सवाल उठाने वाले एआईएमआईएम नेता असदउद्दीन ओवैसी पर भी कड़ी टिप्पणी की है। राउत ने लिखा है कि मुख्तार अब्बास नकवी और नजमा हेपतुल्ला दोनों वंदे मातरम गाते हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले १२ अप्रैल को छपे एक अन्य लेख में राउत मुसलमानों से मताधिकार छीनने की वकालत और मांग कर चुके हैं। हालांकि बाद में इस ओर विवाद गहराने पर उन्होंने अपने लेख से यू-टर्न ले लिया और कहा कि मीडिया ने उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया। राउत के लेख पर टिप्पणी करते हुए आवैसी ने कहा था कि क्या शिवसेना बीजेपी सांसद मुख्तार अब्बास नकवी और नजमा हेपतुल्ला से भी मताधिकार छीनेगी।
इससे पहले राउत ने `सामना’ के एक लेख में यह लिखकर सियासी तूफान मचा दिया था कि राजनीतिक दलों द्वारा मुाqस्लमों का वोटबैंक के रूप में उपयोग बंद करने के लिए मुाqस्लमों का मताधिकार खत्म कर देना चाहिए। राउत ने संपादकीय लेख में कहा था, ‘मुाqस्लमों के साथ हुए अन्याय से लड़ने के नाम पर वोटबैंक की राजनीति की जा रही है। उनकी शैक्षिक और स्वास्थ्य ाqस्थति का उपयोग राजनीति के लिए किया जा रहा है। यह राजनीति पहले कांग्रेस ने की, लेकिन अब हर दूसरा व्यक्ति खुद को धर्मनिरपेक्ष बताता है।
उन्होंने कहा था, ‘अगर मुाqस्लमों का प्रयोग केवल इस तरह की राजनीति के लिए किया जा रहा है तो उनका कभी विकास नहीं हो सकता। मुाqस्लमों का दुरूयोग जब तक वोट बैंक की राजनीति के लिए किया जाएगा तब तक मुाqस्लमों का कोई भविष्य नहीं होगा और इसलिए बालासाहेब (शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे) ने एकबार कहा था कि मुाqस्लमों से मताधिकार वापस ले लो। जो उन्होंने कहा था वह सही है।