पदोन्नति में आरक्षण जारी रहेगा : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान


भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार पदोन्नति में आरक्षण की पक्षधर है। इस संबंध में नियमों में आवश्यक बदलाव के लिये केबिनेट की सब कमेटी बनायी जायेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आरक्षण कोई समाप्त नहीं कर सकता है।   मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज यहाँ टी.टी. नगर दशहरा मैदान में अजाक्स की ‘आरक्षण बचाओ-देश बचाओ’ रैली में कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के पदोन्नति में आरक्षण की यथास्थिति बनाये रखने के लिये राज्य सरकार पूरी ताकत से उच्चतम न्यायालय में अपना पक्ष रखेगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इन वर्गों की पदावनति की स्थिति नहीं बनने देंगे। इस संबंध में नियमों में जरूरी बदलाव के लिये वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार की अध्यक्षता में केबिनेट सब कमेटी बनायी जायेगी। इसमें सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य एवं अन्य सदस्य शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति के बेकलॉग के रिक्त पदों की पूर्ति युद्ध स्तर पर की जायेगी तथा इसकी समीक्षा हर तीन माह में की जायेगी। उन्होंने घोषणा की कि पहली कक्षा से स्नातकोत्तर तक अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों की फीस राज्य सरकार भरेगी। इन वर्गों के जो छात्र विदेशों के विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेंगे उनका खर्चा भी राज्य सरकार वहन करेगी। इन वर्गों के महाविद्यालयीन विदयार्थियों को भी शिष्यवृत्ति दी जायेगी। बारहवीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक लाने वाले इन वर्गों के विद्यार्थियों को लेपटॉप दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वर्गों के लिये संविदा सहित सभी पदों पर आरक्षण लागू किया जायेगा। उन्होंने बताया गया कि प्रदेश में अनुसूचित जनजाति के 2 लाख 16 हजार लोगों को वनाधिकार के पट्टे दिये गये हैं। शेष बचे पात्र लोगों को पट्टे देने का काम जारी रहेगा। साथ ही इन वर्गों के व्यक्ति जिस आवासीय भूमि पर काबिज हैं, उन्हें उसके पट्टे दिये जायेंगे। राज्य सरकार हर हालत में जन-कल्याण के कार्य जारी रखेगी। साथ ही इन वर्गों के शिक्षा और रोजगार के लिये सभी आवश्यक कदम उठाये जायेंगे। आरंभ में पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. अमर सिंह ने पदोन्नति में आरक्षण की आवश्यकता बतलायी। अजाक्स के प्रदेशाध्यक्ष श्री जे.एन. कंसोटिया ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, आदिम-जाति कल्याण मंत्री श्री ज्ञानसिंह, श्रम मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य, सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य तथा सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रदेश से आये अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।