पठानकोट हमले में 4 आतंकी ढेर, 2 शहीद


०सेना वर्दी में एयरफोर्स स्टेशन में घुसे आतकी हमले में वायुसेना के ६ जवान घायल
अमृतसर। पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर शनिवार तड़के हुए आतंकी हमले की जवाबी कार्यवाही में सेना और पुलिस के संयुक्त अभियान में ४ आतंकियों को मार गिराया गया जबकि दो जवान शहीद हो गए। सूत्रों ने बताया कि चार से छह आतंकी एयरफोर्स स्टेशन के पास १०० मीटर की दूरी पर ाqस्थत एक बििंल्डग में छुपे थे। ऑपरेशन के दौरान वायुसेना के हेलिकॉप्टर घटनास्थल पर निगरानी करते रहे। गौरतलब है कि यह पाकिस्तान की सीमा से सबसे करीब ाqस्थत एयरफोर्स स्टेशन है। सूत्रों के अनुसार आतंकी सेना की वर्दी में आए थे और तड़के करीब ३ बजे एयरफोर्स स्टेशन में घुसने में कामयाब रहे। ये दो सुरक्षा घेरे तोड़कर एयरफोर्स स्टेशन में दाखिल हुए। सीमापार से पंजाब के रास्ते आए ये आतंकी आत्मघाती हमले की फिराक में थे। शनिवार सुबह ११ बजे तक चले इस मुठभेड़ में आतंकियों ने पहले ग्रेनेड पेंâके और फिर जवानों पर फायिंरग शुरू कर दी। छह महीने में पंजाब में यह दूसरा बड़ा आतंकी हमला है। इससे पहले गुरदासपुर पुलिस चौकी पर हमला हुआ था। पठानकोट में जारी ऑपरेशन की निगरानी खुद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल कर रहे हैं। सुबह नौ बजे तक घटनालस्थल पर रूक-रूककर फायिंरग हो रही थी। फायिंरग में अब तक वायुसेना के छह जवान भी घायल हो चुके हैं। इनमें से तीन को अस्पताल ले जाया गया है, जबकि तीन मुठभेड़ की जगह ही पंâसे रहे। इन आतंकियों को एयरफोर्स स्टेशन के घरेलू क्षेत्र में ही रोक दिया गया था। ये तकनीकी क्षेत्र तक पहुंचने में कामयाब नहीं हुए। तकनीकी क्षेत्र एयरफोर्स स्टेशन का सबसे ज्यादा सुरक्षा वाली जगह होता है। हमले के बाद पूरे पंजाब में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। पठानकोट में नाकाबंदी कर दी गई। एयरफोर्स स्टेशन के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दिल्ली में वायुसेना मुख्यालय में उच्च स्तरीय बैठक की जा रही है। गौरतलब है कि खुफिया एजेंसियों ने नए साल पर आतंकी हमले की चेतावनी दी थी। सेना ने कहा था कि दीनानगर जैसा हमला हो सकता है।
३१ दिसंबर की शाम गुरदासपुर एसपीए उनके दोस्त और कुक को अगवा कर लिया गया था। उसी रात एक शख्स का कत्ल भी किया गया। इसलिए इसे सुरक्षा में बड़ी सेंध कहा जा रहा है। सीमा के पास होने के कारण पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन इसलिए अहम है कि यहां बड़े हथियार रखे जाते हैं। युद्ध की ाqस्थति में पूरी रणनीति को यहां से ही अंजाम दिया जाता है। १९६५ और १९७१ की लड़ाई में भी इस एयरफोर्स स्टेशन ने बड़ी भूमिका निभाई थी। मिग-२१ लड़ावूâ विमानों के लिए यह बेस स्टेशन है।