पठानकोट हमले में फिर हुई चूक, दो दिनों तक हथियार लेकर कैसे घूमते रहे आतंकी


पठानकोट । पठानकोट में आतंकी हमले ने एक बार फिर बड़ी चूक की ओर इशारा किया है। ये चूक बरती गई है पंजाब पुलिस की तरफ से। एक एसपी की कार को कब्जे में लिया। आतंकियों ने पठानकोट में २ जनवरी की सुबह करीब साढे ३ बजे हमला किया था। ऐसे में साफ है कि वो हथियारों के साथ करीब ३० किलोमीटर के दायरे में दो दिनों तक घूमते रहे। खास बात ये है कि जिस जगह पर आतंकियों ने एसपी की गाड़ी छीनी थी, उसी के ५०० मीटर की दूरी पर वो एयरबेस के अंदर घुसे। इसका मतलब ये है कि वो आसपास के एरिया में ही छिपे रहे। गाड़ी छोड़ने के बाद भी आतंकी उसी इलाके में २४ घंटे से ज्यादा वक्त तक रहे। साफ है कि पंजाब पुलिस ने अगर अपने ही एसपी के दावों पर भरोसा कर लिया होता तो इस हमले से बचा जा सकता था। एसपी ने पंजाब पुलिस को बताया था कि आमच् की यूनिफॉर्म में ए के ४७ लेकर कुछ लोग घुसे हैं। एसपी ने ये भी बताया कि वो जैश ए मोहम्मद का नाम ले रहे थे। लेकिन पंजाब पुलिस ने १ जनवरी की शाम तक सेना और वायुसेना के साथ ये बातें शेयर नहीं की। ताकि वो भी अलर्ट हो जाएं। एसपी की घटना के बाद पास में ही एक टैक्सी ड्राइवर की भी डेड बाडी मिली थी। उसके परिवार वालों ने अंदेशा जताया था कि आतंकवादियों ने इसे मारा है। लेकिन पुलिस ने इन दोनों घटनाओं को जोड़कर देखा ही नहीं। पठानकोट के एसपी लगातार कहते रहे कि इन दोनों घटनाओं में कोई समानता नहीं है।