पठानकोट हमले के हैंडलर्स की पहचान कर डोभाल ने सौंपे सबूत


०बीएसएफ की ५ सदस्यीय समिति करेगी आतंकी प्रवेश मार्ग की करेगा खोज
नईदिल्ली। पठानकोट हमले में शामिल चार पाकिस्तानी हैंडलर्स की पहचान कर ली गई है जिसमें जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर और उसका भाई राउफ समेत दो अन्य लोगों के नाम शामिल है। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि ये हैंडलर्स पाकिस्तान से पठानकोट में हमला करने वाले आतंकियों को मोबाइल नंबर ±९२ ३०००५९७२१२ के माध्यम से निर्देश दे रहे थे। मसूद और राउफ के अलावा दो अन्य साजिशकर्ताओं की पहचान अशफाक और काशीम के रूप में हुई हैं। १९९९ में काठमांडो में एयर इंडिया के विमान आईसी ८१४ के अपहरण का मुख्य साजिशकर्ता राउफ ही था जिसमें मसूद के साथ दो अन्य आतंकवादियों को वंâधार में छोड़ा गया था। खुफिया एजेंसियों को पता चला है कि हमले की साजिश सीमा पार मार्काज नामक जगह पर रची गई थी। सूत्रों ने बताया कि इस मामले में पाकिस्तान को सारे सबूत मुहैया करा दिये गए है। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी अपने पाकिस्तानी समकक्ष नसीर जंजुआ से बात कर भारत द्वारा मुहैया कराए गए सूचना पर कार्रवाई करने को कहा है।
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पठानकोट में वायु सेना वायु सेना अड्डे में हुए आतंकवादी हमले की जांच के लिए उप महानिरीक्षक रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में एक पांच सदस्यीय दल गठित किया हैं। यह दल इसकी जांच करेगा की आतंकवादियों ने भारत में प्रवेश करने के लिए किस रास्ते का इस्तेमाल किया। बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस दल का गठन गृह सचिव राजीव मर्हिष और सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक डीके पाठक के बीच हुए विचार-विमर्श के बाद किया गया है। यह दल दो सप्ताह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगा। यह दल पंजाब और जम्मू क्षेत्र के साथ लगे भारत-पाक सीमा की यात्रा कर इसकी जांच करेगा।