पठानकोट हमला : एनआईए तलाश रही है नए सुराग


चंडीगढ़। क्या पठानकोट हमला भीतर से मदद के कारन संभव हुआ अब एनआईए इस दिशा में जांच कर रही है। जांच में इस तथ्य पर गौर किया जा रहा है कि आतंकी हमले के अलर्ट के बावजूद सीमा पार से आए ६ आतंकी हथियार और गोला-बारूद समेत पठानकोट एयरबेस में दाखिल वैâसे हो सके?
अहम सवाल यही है कि यहां आतंकियों की किसने मदद की? अब एयर बेस के भीतर रह रहे ५००० परिवारों की जांच हो रही है। एयरफोर्स के अफसरों से भी पूछताछ जारी है। एनआईए को जानना है कि किसने बेस में दाखिल होने के सुराग दिए। आतंकियों के पास मिले हथियार भारत के बने हुए नहीं हैं। अब एनआईए को लग रहा है कि आतंकी अपने साथ ही हथियार लाए थे। हालांकि पहले एनआईए की दलील थी कि इतने हथियार लेकर छह लोग नहीं आ सकते।
दरअसल एनआईए की जांच किसी नतीजे पर पहुंचती नहीं दिख रही। अब उसका कहना है कि इसके आगे के सुराग पाकिस्तानी एजेंसियां ही दे सकती हैं। एजेंसियों का कहना है कि जो नाम पाकिस्तान को दिए गए हैं, उनसे अगर पूछताछ की जाए तो इस हमले का सच खुल सकता है। हाल के दिनों में हुए कठुआ और सांबा जैसे हमलों और पठानकोट के हमले में समानता दिखी है।