पठानकोट आतंकी हमले से छूटे एसपी सलविन्दर संदेह घेरे में


अमृतसर। पठानकोट वायुसेना ठिकाने पर आतंकी हमले के खिलाफ कार्रवाई चौथे दिन भी जारी है। इस बीच पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका की भी जांच हो रही है। एनआईए की टीम ने सोमवार को गुरदासपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सलिंवदर िंसह और उनके कुक मदन गोपाल से पूछताछ की। इन दोनों का कहना था कि उन्हें पिछले गुरुवार को आतंकवादियों ने अगवा किया था। इस घटना के दो दिन बाद उन्हीं आतंकियों ने पठानकोट वायुसेना ठिकाने पर हमला बोल दिया। सलिंवदर िंसह का दावा है कि आतंकवादियों ने उन्हें घने जंगल में पेंâक दिया और उनकी नीली बत्ती लगी आधिकारिक एसयूवी लेकर फरार हो गए। बाद में आतंकी इसी एसयूवी में सवार होकर पठानकोट पहुंचे। एसपी की वह एसयूवी शुक्रवार सुबह पठानकोट में वायुसेना ठिकाने से करीब १.५ किमी दूर पाई गई थी। जांचकर्ता अब भी इसी गुत्थी में उलझे हैं कि आखिर आतंकवादियों ने एसपी सलिंवदर और उनके साथियों को क्यों छोड़ दिया, जबकि उन्होंने एक दूसरी गाड़ी को अगवा किया तो उसके ड्राइवर की हत्या कर दी थी। सलिंवदर िंसह का कहना है कि वे उस समय पुलिस वर्दी में नहीं थे और उन्होंने आतंकवादियों के कहा कि वे पुलिसकर्मी नहीं बाqल्क आम इंसान हैं।
जांचकर्ताओं का कहना है कि एसपी के बयानों में बहुत ज्यादा विरोधाभास है। उन्होंने कई बार अपने बयान बदले हैं, जिसमें उन्होंने आतंकियों की संख्या बार-बार अलग-अलग बताई है। एक वरिष्ठ अधिकारी होने के नाते उनके पास पहले से ही आतंकियों की घुसपैठ की खुफिया सूचना थी। उसी शाम पंजाब पुलिस ने आतंकी हमले की आशंका जताते हुए सभी पुलिस अधिकारियों को रात में निगरानी रखने के निर्देश दिए थे। सलिंवदर िंसह का कहना है कि जिस समय उनका अपहरण किया गया, उस समय वे पठानकोट के एक स्थानीय मंदिर में पूजा करके गुरदासपुर लौट रहे थे। लेकिन गुरुवार देर रात अपने एक ज्वैलर दोस्त और कुक के साथ उनके भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास बिना सुरक्षागार्ड के जाना संदेह के घेरे में है। जांच एजंसियों को शक है कि भारत-पाकिस्तान सीमा के दोनों तरफ संचालित एक मादक पदार्थ तस्कर गिरोह की मदद से आतंकवादी भारत में घुसे होंगे। उनके द्वारा इस्तेमाल भारी हथियार और गोला-बारूद उनके सीमा पार करने से पहले ही पड़ोसी देश से भेज दिए गए होंगे। सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि आतंकवादियों ने नारकोटिक्स, जाली भारतीय नोट और हथियारों की तस्करी में शामिल एक गिरोह के नियंत्रित अभियान के जरिये पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार की। सूत्रों ने कहा कि तस्करी करने वाले गिरोह के साथ कुछ सुरक्षार्किमयों के शामिल होने की संभावना को भी खारिज नहीं किया जा सकता, क्योंकि अतीत में भी कुछ तत्वों के तार नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह से जुड़े होने की जानकारी मिली है।