नौसेना मिसाइल विध्वंसक पोत ने यमन में पंâसे भारतीयों को निकाला


नई दिल्ली । अदन में युद्ध जैसे हालात के बीच नौसेना ने यमन से ४३९ भारतीयों को निर्देशित मिसाइल विध्वंसक आईएनएस मुंबई पोत से निकाला। `अभियान राहत’ के तहत इस जंगी जहाज को अदन बंदरगाह के ठीक बाहर खड़ा रखा गया क्योंकि अदन में फायरिंग की खबर थी। वहां सउदी अरब नीत गठबंधन हुती विद्रोहियों का मुकाबला कर रहा है जो शहर पर कब्जे की कोशिश कर रहे हैं।
नौसेना ने बताया कि भारतीय अधिकारियों ने छोटी नौकाओं को काम में लगाया जिसने एक बार में ३० से ३५ लोगों को बंदरगाह से आईएनएस मुंबई पोत पर पहुंचाया। नौसेना के एक अधिकारी ने बताया कि अदन में बेहद कठिन हालात हैं। भारतीय नौसना जहाज मुंबई के जरिए पंâसे हुए भारतीयों को निकाला गया। निकाले गए लोगों में एक गर्भवती महिला भी है जिसकी नौसेना के अधिकारी देखभाल कर रहे हैं।
संकटग्रस्त यमन में पंâसे हुए १९३ भारतीयों को लेकर एयर इंडिया का विमान कल रात कोाqच्च पहुंचा। केरल के प्रवासी मंत्री के सी जोसफ ने बताया कि इन लोगों को आज सना से जिबूती ले जाया गया था। निकाले गए लोगों में अधिकतर केरल और तमिलनाडू के हैं। उन लोगों का स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर जोसफ और राज्य सरकार के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
संघषर्रत गुटों के कारण तेजी से बिगड़ते हालात के मद्देनजर यमन से कल करीब ८०० और भारतीयों को निकाला गया। कल के अभियान के साथ भारत वहां से अपने १,८०० नागरिकों को अब तक निकाल चुका है। जिबूती से निकाले जाने के अभियान पर नजर रख रख रहे विदेश राज्य मंत्री वी के िंसह भी यमन के सबसे बड़े शहर सना गए जहां से एयर इंडिया के विमान ने उतरने की अनुमति के बाद भारतीयों को निकाला। िंसह आज जिबूती आ गए। बहरहाल, भारतीयों को निकालने के लिए अदन गया नौसेना का जहाज आईएनएस मुंबई भारी गोलेबारी के कारण बंदरगाह तक नहीं पहुंच पाया और छोटी नौकाओं के जरिए लोगों को जहाज तक लाया गया।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि अदन में भारी गोलाबारी हो रही है। जहाज तट से करीब ५-६ किलोमीटर दूर रूका। भारतीय नागरिकों को जहाज पर लाया गया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यमन में बदतर होते हालात के बावजूद लोगों को निकालने का अभियान जारी है। हमें अगले कुछ दिनों में लोगों को निकालने का अभियान पूरा कर लेने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि चूंकि सना में अलकायदा के बढ़ते प्रभाव के चलते सुरक्षा हालात अधिक गंभीर हो रहे हैं, ऐसे में भारत को शहर से अपने नागरिकों को निकाल लेने के लिए उड़ानों के अधिकतम पेâरों की इजाजत दी गई है।