नेताजी के ‘युद्ध अपराधी’ पत्र पर संघ ने मांगा स्पष्टीकरण


नईदिल्ली। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के लिए पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू द्वारा लिखे एक पत्र में कथित रूप से `युद्ध अपराधी’ शब्द के दुरूपयोग पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आपत्ति व्यक्त करते हुए इसके तथ्यों का सच जांचने की मांग की है।
सरकार ने कुछ दिन पहले नेताजी के रहस्यमय परिाqस्थतियों में गायब होने से जुड़ी सौ फाइलें सार्वजनिक की हैं। इनमें वह पत्र भी है, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने अपने ब्रिटिश समकक्ष क्लेमेंट रिचर्ड एट्ली को लिखा था। पत्र में नेहरू ने कथित रूप से नेताजी को `आपके युद्ध अपराधी’ की संज्ञा दी थी। गत २३ जनवरी को यह पत्र सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस इसे तुरंत फर्जी करार दे चुकी है। उसका तर्वâ था कि इसमें नेहरू के हस्ताक्षर नहीं हैं।अब आरएसएस ने अपने मुखपत्र के जरिये इसकी सचाई जांचने की मांग की है। अपने ताजा अंक के आवरण लेख में संघ ने कांग्रेस नेता आनंद शर्मा के `पत्र फर्जी था’ के बयान पर सवाल उठाए हैं। इसमें कहा गया है, `स्वाभाविक ही, कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने तुरंत कहा कि यह पत्र फर्जी है, क्योंकि इस पर नेहरू के हस्ताक्षर नहीं हैं, लेकिन यह भी संभव है कि यह संदेश टेलीग्राम, टेलीपैâक्स या टेलीिंप्रटर के जरिये भेजा गया हो, जिसमें हस्ताक्षर की जरूरत नहीं होती।