नजमा हेपतुल्ला का इस्तीफा आनंदीबेन के लिए खतरे की घंटी!


गुजरात में आने वाले दिनों में भारी उलटफेर होने की संभावना
अहमदाबाद। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला ने मंगलवार को मोदी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। भारी उद्योग राज्य मंत्री जी.एम. सिद्धेश्वर ने भी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। नजमा हेपतुल्ला केंद्रीय कैबिनेट में सबसे उम्रदराज मंत्री थीं। वह 75 साल पार कर चुके मंत्रियों में शामिल थीं। इससे पहले मध्य प्रदेश के बाबूलाल गौर सहित दो मंत्रियों को उम्र के कारण मंत्रिमंडल से अलग किया गया था। वहीं कलराज मिश्र का इस्तीफा उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के कारण रोक दिया गया है। केन्द्रीय नेतागिरी की नजर अब गुजरात पर टिकी हुई है। नजमा हेपतुल्ला के इस्तीफे से गुजरात में कुछ उलट-पुलट होने की उम्मीद लगायी जाने लगी है। मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल 21 नवंबर को 75 साल की हो जाएंगी। मुख्यमंत्री आनंदीबेन पर भी उम्र की सीमा लागू की जा सकती है।
गुजरात में लंबे समय नेतृत्व परिवर्तन की बातें चल रही हैं। हालांकि इन बातों को मुख्यमंत्री आनंदीबेन अफवाह बता चुकी हैं। भाजपा भी इस पर मौन साधे हुए है। गुजरात के मंत्रिमंडल का विस्तार टलता रहा है। विजय रूपाली को 19 फरवरी को गुजरात भाजपा प्रमुख बनने के बाद भी मंत्री पद पर यथावत रखा गया है। भाजपा की राजनीति में यह गंभीर विषय है। भाजपा एक व्यक्ति, एक पद की सदैव पक्षधर रही है। गुजरात में आगामी 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर फेरबदल की बात दिल्ली तक पहुंच चुकी है। 75 साल की उम्र पूरा करने के बाद आनंदीबेन को मुख्यमंत्री पद पर यथावत रखने के पक्ष में भाजपा दिखाई नहीं देती है। गुजरात की राजनीति के लिए आने वाले दिन काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में गुजरात की राजनीति में बहुत बड़ा उलटफेर हो सकता है।