देश में भाषण की धूम, लेकिन आरएसएस ने कन्हैया की तुलना चूहे से की


नई दिल्ली। देशद्रोह के केस में जेल से रिहाई के बाद जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार के भाषण पर आरएसएस ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि कन्हैया का भाषण प्रतिक्रिया देने लायक भी नहीं है। आरएसएस के प्रचार प्रमुख डॉक्टर मनमोहन वैद्य ने कन्हैया के भाषण पर प्रतिक्रिया देने के लिए एबीपी न्यूज को एक चूहे की कहानी सुना डाली। मनमोहन वैद्य ने कहानी सुनाने के लिए अपनी दूसरी क्लास में पढ़े एक अध्याय का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक चूहे को रास्ते में एक अच्छी टोपी मिल गई। जिस टोपी के ऊपर पर कुछ चीज अच्छी सजाई (मराठी में जिसे गोंडा बोलते हैं) थी। चूहे ने टोपी पहन ली और बाजार में घूमने लगा और जोर से चिल्लाने लगा कि मेरी जैसी टोपी राजा के पास भी नहीं है। ये बात राजा तक गई। राजा ने उसे पकड़वा कर दरबार में लाया। वहां पर भी यही बात दोहराते रहा। राजा ने गुस्से में आकर उसकी टोपी ले ली। वो चिल्लाने लगा कि राजा भिखारी ने मेरी टोपी ले ली। चूहे में इससे आग कुछ करने की ताकत नहीं थी। राजा ने चूहे की टोपी वापस कर दी। चूहा चिल्लाने लगा कि राजा डर गया मेरी टोपी वापस कर दी है। कहानी को जारी रखते हुए मनमोहन वैद्य ने कहा कि इन कम्युनिस्टों का यही हाल है। मुझे दूसरी क्लास में पता नहीं था। इस अध्याय का कितना बड़ा मतलब है। कन्हैया मामले में संघ का क्या सोचता है उससे ज्यादा जज ने जो टिप्पणियां की वो ज्यादा गंभीर है। उस पर विचार होना ज्यादा जरूरी है।