देश के अधिकांश हिस्से ठंड के आगोश में


– जनजीवन अस्त-व्यस्त, आवागमन बाधित
– वंâपवंâपाती सर्दी का असर फरवरी तक रहेगा
– यूरोप से आने वाली बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई सर्दी
नई दिल्ली । देश के ज्यादातर भागों में पड़ रही कड़ाके की ठंड और कोहरे के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दिल्ली सहित पूरे एनसीआर में शनिवार को सुबह भयंकर ठंड और घना कोहरा छाया रहा। वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे हैं और विजिबिलिटी बहुत कम हो गई है। नोएडा और गाजियाबाद में भी यही हाल ऩजर आ रहा है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक पड़ रही कड़ाके की ठंड का बड़ा कारण यूरोप से आने वाली बर्फीली हवाएं हैं। मौसम एजेंसी स्काईमेट की हालिया रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। हालांकि हरियाणा और दिल्ली पर इसका असर कम है, जबकि गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में ज्यादा है। १५ जनवरी के बाद से धुव्रीय चक्रवात और आर्वâटिक ब्लॉस्ट के चलते पूर्वी अमेरिका और यूरोप में मौसम तेजी से बदला है। इससे इन इलाकों में बर्पâबारी हुई और पारे में काफी गिरावट दर्ज की गई। यूरोप में बर्पâबारी के बाद वहां से ठंडी हवाएं अफगानिस्तान और पाकिस्तान होते हुए हिमालय पहुंचीं। फिर देश के मैदानी इलाकों में इनका बहाव हुआ।
सर्दी के इस मौसम में र्सिबया की हवाएं पहले भी पश्चिमी हिमालय तक पहुंची थीं, लेकिन दिसंबर से लगातार बन रहे पश्चिम विक्षोभों ने इन पछुआ हवाओं का रास्ता रोक रखा था, पर पिछले चार दिनों से कोई नया पाqश्चमी विक्षोभ नहीं बना, जिससे र्सिबया की हवाओं को भारत में प्रवेश का रास्ता मिल गया। फिर इन हवाओं के असर से जम्मू-कश्मीर, उत्तर के मैदानों से होते हुए मध्य भारत तक मौसम ठंडा हो गया। अब ये हवाएं राजस्थान के रास्ते मुंबई तक पहुंच गई हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अब इस कड़ाके की ठंड का असर जनवरी के आखिरी सप्ताह से लेकर फरवरी तक रहेगा। भारतीय मौसम विभाग का अनुमान है कि जनवरी के आखिरी सप्ताह में दिल्ली में न्यूनतम तापमान में चार डिग्री व अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की और गिरावट दर्ज की जाएगी। २५ जनवरी के पश्चिमी विक्षोभ से पहाड़ों पर बर्पâबारी के चलते ऐसे होगा।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि २५ जनवरी को नया पश्चिमी आने के बाद र्सिबया से आने वाली ठंडी हवाएं रुवेंâगी। इसके चलते २६ जनवरी के बाद एक-दो दिनों के लिए तापमान कुछ बढ़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में दिन में धूप न निकलने और कुहासा छाए रहने के साथ कड़ाके की ठण्ड पड़ रही है। गोरखपुर में गुरुवार को दिन का तापमान सबसे कम सामान्य से ग्यारह डिग्री कम रिकार्ड किया गया। जबकि बहराइच में यह सामान्य से दस डिग्री कम, खीरी, बलिया और सुल्तानपुर में सामान्य से क्रमश: ८-८, लखनऊ में सामान्य से सात डिग्री, बरेली, हरदोई और उरई में सामान्य से ६-६ डिग्री कम दर्ज किया गया।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों के दरम्यान पूरे देश में रात में और सुबह कहीं घना तो कहीं बहुत घना कोहरा छाया रहेगा। सर्द हवा के संग गलन के साथ सर्दी का प्रकोप भी बना रहेगा यानि दिन में धूप नहीं निकलेगी और कुहासा छाया रहेगा। शुक्रवार को राजधानी लखनऊ और आसपास के इलाके में सुबह घना कोहरा छाया रहा। दोपहर में हल्की धूप निकली मगर दिन ढलते ही फिर कुहासा छा गया। आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार की रात इलाहाबाद, कानपुर, बरेली और आगरा मण्डलों में तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई। आगरा, कानपुर, मुरादाबाद और झांसी मंडलों में गुरुवार की रात का तापमान सामान्य से कम रहा।