दिल्ली को अपने नियंत्रण में रखना चाहती है केन्द्र सरकार


० केजरीवाल को नहीं मिलेगा मनपसंद मुख्य सचिव
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार दिल्ली के मुख्यमंत्री को राज्य की स्वतंत्रता देने तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वेंâद्र सरकार को मुख्य सचिव के लिए ३ नामों का पैनल भेजा था। वेंâद्र सरकार अरविंद केजरीवाल द्वारा भेजे गये पैनल को खारिज कर अपनी पसंद के अधिकारी को दिल्ली का मुख्य सचिव बनाना चाहती है।
दिल्ली वेंâद्र शासित प्रदेश के अन्तर्गत आता है। अतः केन्द्र सरकार दिल्ली के मुख्यमंत्री पर नकेल कसने के लिए अपने भरोसेमंद अधिकारी को नियुक्त करना चाहती है। वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इसे राज्य सरकार के अधिकारों पर कुठाराघात मान कर वेंâद्र सरकार का अनावश्यक हस्तक्षेप तथा राजनैतिक बदले की कार्यवाही मानकर उसका विरोध कर रहे हैं। वेंâद्र सरकार राजनैतिक बदले तथा वेंâद्र एवं राज्य के संघीय अधिकारों पर अनावश्यक हस्तक्षेप कर रही है।
दिल्ली के मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर वेंâद्र और दिल्ली सरकार में टकराहट बढ़ गई है। आम आदमी पार्टी की सरकार राज्य के नये मुख्य सचिव पद के लिए वेंâद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से भेजे गये तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के पैनल को खारिज करना चाहती है। वहीं केजरीवाल १९८४ बैच के प्रशासनिक अधिकारी आरएस नेगी की इस पद पर नियुक्ति करने की मांग पर अड़े हैं।
इस शीर्ष प्रशासनिक पद पर नियुक्त करने में कुछ गलत नहीं है क्योंकि वे अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव के तौर पर काम कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि सरकार ने गृह मंत्रालय की ओर से भेजे गये तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के पैनल को खारिज करने का पैâसला किया है। वेंâद्र शासित प्रदेश होने से दिल्ली में शीर्ष प्रशासनिक नियुक्तियों गृह मंत्रालय करता है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने गुरुवार को वेंâद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर उनसे नेगी को दिल्ली का मुख्य सचिव बनाने का अनुरोध किया है। बहरहाल, वेंâद्र तथा राज्य सरकार में राजनैतिक प्रतिस्पर्धा के चलते टकराहट बढ़ना शुरू हो गई है।