दिल्ली के बिजली-पानी संकट पर आज कांग्रेस का प्रदर्शन


दिल्ली में बिजली-पानी संकट पर 28 मई को होने वाले कांग्रेस की ओर से होने वाले विरोध प्रदर्शन की अगुआई कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी करेंगे। यह जानकारी एक संवादाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने दी। उनके मुताबिक दिल्ली में बिजली-पानी के संकट के लिए जिम्मेदार दिल्ली की आप सरकार और भाजपा की केंद्र सरकार दोनों जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने समय-समय पर दिल्ली के लोगों की समस्याओं से अपने आप को जोड़ते हुए उनकी लड़ाई लड़ी है। इससे पहले भी चाहे दिल्ली के सफाई कर्मचारियों के वेतन का मामला हो, चाहे शकूर बस्ती झुग्गी झौपड़ी बस्ती को उजाड़े जाने का मामला हो या रघुबीर नगर में गुजराती रेहड़ी पटरीवालों को उजाड़े जाने के खिलाफ लड़ाई की बात हो, राहुल गांधी सड़क पर आने में देरी नहीं की। माकन ने कहा कि दिल्ली में गर्मी के मौसम में बिजली संकट टाला जा सकता था अगर केंद्र सरकार के आधीन एनटीपीसी के तहत आने वाले बदरपुर थरमल पावर प्लांट जिसकी बिजली बनाने की क्षमता 707 मेगावाट लेकिन इस बिजली संकट के समय यहां पिछले 8 दिनों में औसतन 211 मेगावाट बिजली का उत्पादन ही हो सका है। दूसरी ओर बवाना पावर प्लांट बिजली बनाने की क्षमता 1397 मेगावाट है जबकि यहां पिछले 8 दिनों में औसतन 263 मेगावाट बिजली का उत्पादन ही हो सका। क्योंकि बवाना बिजली प्लांट गैस से चलता है और मोदी की केंद्र सरकार पर्याप्त मात्रा में गैस मुहैया नहीं करा रही है। माकन ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जो आए दिन किसी न किसी मुद्दे पर केंद्र सरकार से झगड़ते रहते हैं। उनके पास इतना समय भी नहीं है कि वे केंद्र सरकार से बवाना के बिजली प्लांट के लिए पर्याप्त मात्रा में गैस की सप्लाई के लिए लड़ाई लड़ते। माकन ने कहा कि दिल्ली की आप सरकार के 15 महीनों के कार्यकाल में दिल्ली के लोगों में इनकी लोकप्रियता में भारी कमी आई है, जो हाल ही में हुए दिल्ली नगर निगम के 13 वार्डों के उपचुनाव में सिद्ध हो गया है। इन 13 वार्डों में 7 लाख मतदाता थे, जहां आप पार्टी के वोट शेयर में 24 फीसद की कमी आई है। कांग्रेस की 5 निगम वार्ड में विजयी होने के कारण आप और भाजपा दोनों सकते में हैं क्योंकि दिल्ली की जनता ने यह निर्णय दे दिया है कि आप सरकार के पास कुशल प्रशासन चलाने की न नीयत है और न अनुभव है।