दलित राजनीति के बहाने में महाराष्ट्र में खोई जमीन तलाशेगी कांग्रेस


राहुल गांधी महाराष्ट्र में शुरू करेंगे परिवर्तन यात्रा

मुंबई (ईएमएस)। भीमा कोरेगांव में हुई जातीय हिंसा की प्रतिक्रिया महाराष्ट्र के आगे निकलते हुए गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक दिखाई दे रही हैं। कांग्रेस ने इसमें अपने लिए राजनीतिक संजीवनी तलाशना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में ‘परिवर्तन यात्रा’ की तैयारी करनी शुरू कर दी है। उनका मानना है कि अगर इस मुद्दे को ठीक से भुनाया जा सके, तो कांग्रेस राज्य में अपनी खोई जमीन वापस हासिल कर सकती है।

सन 2014 के राज्य विधानसभा चुनावों में पराजय के बाद सत्ता से बेदखल हुई कांग्रेस के लिए दलित-मराठा विवाद किसी राजनीतिक संजीवनी से कम नहीं है। यह यात्रा पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर से शुरू होकर सतारा, सांगली और पुणे जैसे प्रमुख शहरों से गुजरेगी। छह महीनों की यह यात्रा राज्य की सभी 288 विधानसभा सीटों से होकर गुजरेगी। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने कहा किसानों की आत्महत्या से लेकर भीमा-कोरेगांव की घटना तक सभी मुद्दों को लेकर हम लोगों के बीच जाएंगे।

उन्होंने कहा कि जब तक भाजपा सत्ता में है, तब तक महाराष्ट्र कभी आगे नहीं बढ़ सकता है। पिछले साढ़े तीन सालों में राज्य की हालात के लिए यह सरकार ही जिम्मेदार है। इस राज्य को केवल कांग्रेस ही आगे लेकर जा सकती है। उन्होंने कहा सत्तारुढ़ भाजपा ने संभाजी भिड़े और मिलिंद एकबोटे जैसे हिंदुत्ववादी तत्वों का इस्तेमाल कर भीमा-कोरेगांव में जातिगत ध्रुवीकरण करा दिया। इस सबके लिए मुख्यमंत्री देवेन्द्र फणनवीस जिम्मेदार हैं।