दलित छात्र मृत्यु पर मेरा और भाजपा का संबंध नहीं : बण्डारू


हैदराबाद। हैदराबाद यूनिर्विसटी के हॉस्टल से निकाले गए पांच दलित छात्रों में से एक के रविवार को खुदकुशी करने के मामले में स्टूडेंट यूनियनों ने विरोध तेज कर दिया है। आरोप है कि वेंâद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय के एक लेटर के बाद रोहित समेत पांच स्टूडेंट्स के यूनिर्विसटी हॉस्टल में जाने पर बैन लगाया गया था। हालांकि वेंâद्रीय मंत्री ने दलित स्टूडेंट्स के निलंबन से किसी भी तरह क संबंध होने से इनकार किया है। विश्वविद्यालय के छात्रों का आरोप है कि पिछले साल अगस्त में विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं से झड़प के कारण अम्बेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एएसए) से संबद्ध पांच दलित छात्रों को निलंबित कर छात्रावास से निकाला गया था।
वेंâद्रीय श्रम राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बंडारू दत्तात्रेय ने सोमवार को इस संबंध में कहा कि हैदराबाद विश्वविद्यालय में पांच दलित छात्रों के निलंबन से न तो उनका और न ही उनकी भारतीय जनता पार्टी का कोई संबंध है । दत्तात्रेय, विश्वविद्यालय के कुलपति अप्पा राव और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के दो सदस्यों पर रोहित को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। उन पर अनुसूचित जाति-जनजाति (उत्पीड़न निवारण) अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।
– वेंâद्रीय मंत्री और कुलपति के साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेताओं सुशील कुमार और विष्णु के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। मामला साइबराबाद पुलिस कमिश्नरी क्षेत्र के गचिबावली थाने में दर्ज किया गया है।