….तो मुश्किल में पड़ सकती है राफेल डील


० पर्रिकर बोले, दोनों सरकारों के बीच होगी सीधी बातचीत
नई दिल्ली। रक्षामंत्री मनोहर र्पिरकर ने कहा कि प्रâांस के साथ २५ बिलियन डॉलर वाली १२६ लड़ावूâ विमानों की डील मुश्किल में पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि प्रâांसीसी रापेâल लड़ावूâ विमानों की खरीद के लिए भविष्य में होने वाली सभी बातचीत सीधे तौर पर दोनों सरकारों के बीच ही होगी और विमान निर्माताओं से कोई सीधी बातचीत नहीं होगी। र्पिरकर ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधे तौर पर प्रâांस सरकार से उड़ान भरने के लिए तैयार ३६ रापेâल लड़ावूâ विमानों की खरीद का ऐलान किया और इस तरह मध्यम बहुद्देशीय लड़ावूâ विमानों (एमएमआरसीए) की निविदा के लिए तीन साल से चल रही बातचीत को दरकिनार कर दिया। १२६ विमानों की खरीद के लिए शुरू में निविदा का मूल्य करीब १० अरब अमेरिकी डॉलर आंका था, वहीं मौजूदा अनुमानित मूल्य २० अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है, जिस पर भारत को गंभीर आपत्ति है। र्पिरकर ने कहा कि प्रâांस के साथ सीधी बातचीत से अब पैâसला होगा कि और कितने रापेâल विमान खरीदे जाने हैं और क्या इसे `मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के तहत लाया जाएगा।
० सराकर से करेंगे सीधी चर्चा
रक्षामंत्री ने इन सवालों का सीधा जवाब नहीं दिया कि एमएमआरसीए के लिए वायुसेना की जरूरतें रापेâल के जरिए पूरी होंगी या कोई और वंâपनी इसमें सामने आ सकती है। ३६ रापेâल विमान उड़ान भरने के लिए तैयार अवस्था में खरीदने की बात बताते हुए र्पिरकर ने कहा कि सरकार से सरकार की सीधी बातचीत में ही कोई गुंजाइश थी। प्रस्ताव के लिए अनुरोध (आरएफपी) माध्यम में काफी भ्रम की ाqस्थति और उठापटक थी इसलिए पैâसला किया गया कि हम सरकार से सरकार की सीधी चर्चा के रास्ते को ही अपनाएंगे।