तालिबानी नेता मुल्ला अख्तर मंसूर अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया !


वाशिंगटन । अमेरिका का कहना है कि उसके हवाई हमले में अफगान-तालिबान के नेता मुल्ला अख्तर मंसूर के मारे जाने की संभावना है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ये हवाई हमले पाकिस्तान-अफ़गानिस्तान की सीमा पर मुल्ला अख्तर मंसूर को निशाना बनाकर किए गए थे। उन्होंने कहा राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस हमले को अपनी स्वीकृति दी थी।

पेंटागन ने एक बयान में कहा, मंसूर हमलों की योजना बनाने में सक्रिय तौर पर भागीदार था। वह अफगानिस्तान के आम लोगों, सुरक्षा बलों, हमारे जवानों और गठबंधन के सहयोगियों के लिए खतरा था। पेंटागन के प्रवक्ता पीटर कुक ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि हवाई हमले में तालिबान का एक औरा लड़ाका मारा गया है।

उन्होंने कहा कि सेना ने जिस वाहन को निशाना बनाकर हमला किया उसमें तालिबान के लड़ाके के अलावा मुल्ला मंसूर भी सवार था। हालांकि तालिबान के एक कमांडर और मंसूर के नजदीकी ने मुल्ला मंसूर के मारे जाने के खबरों का खंडन किया है। उन्होंने कहा, मुल्ला मंसूर के मारे की खबर निराधार है। हम पहले भी इस तरह की झूठी खबर सुन चुके हैं। मैं आप लोगों की जानकारी के लिए बता देना चाहता हूं कि मुल्ला मंसूर मारा नहीं गया है।

पिछले साल दिसंबर में यह खबर आई थी कि पाकिस्तान में एक चरमपंथियों की बैठक के बाद हुई गोलीबारी में मुल्ला मंसूर बुरी तरह घायल हो गया था। तालिबान प्रमुख के तौर पर उनकी नियुक्ति विवादों में थी। विरोधी गुट ने अपना अलग नेता घोषित कर दिया था। मुल्ला अख़्तर मंसूर ने मुल्ला मोहम्मद उमर के बाद पिछले साल ही अफगान तालिबान की कमान संभाली थी।

तालिबान ने अपने सर्वोच्च नेता मुल्ला उमर के मारे जाने के बाद मुल्ला अख्तर मंसूर को नया प्रमुख चुना था। मंसूर, मुल्ला उमर का सहायक रह चुका है। मंसूर को तालिबान के वरिष्ठ नेताओं का समर्थन प्राप्त था और वह अफगान सरकार के साथ बातचीत का पक्षधर भी रहा है।