ट्रेन में उचित कीमत पर मिलेंगी बेहतर सुविधाएं


नई दिल्ली। इस बार का रेल बजट बेहतर वैकाqल्पक यात्री सुविधाओं पर वेंâद्रित होगा। बेहतर सुबिधाएं मुहैया कराने के लिए निजी क्षेत्र की मदद ली जाएगी। रेल बजट में जनता के सुझावों को विशेष तरजीह दी गई है। रेल मंत्रालय ने रेल बजट पर आम जनता से राय मांगी थी। इस पर डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों के सुझाव प्राप्त हुए। एक तिहाई से ज्यादा लोगों ने सुविधाएं बढ़ाए जाने पर जोर दिया है। जबकि इससे कुछ कम लोगों ने ट्रेन के सफर को सुरक्षित बनाए जाने की अपील की है। बाकी यात्रियों ने समयपालन पर जोर दिया है। बेहतर सुविधाएं चाहने वाले यात्रियों ने वंâफर्म रिजर्वेशन, स्वच्छ टॉयलेट व बेहतर खाने तथा ट्रेन रद्द होने या प्लेटफॉर्म बदले जाने के बारे में एसएमएस के जरिये सूचना को सर्वाधिक प्राथमिकता दी है। इसके लिए वे अतिरिक्त कीमत अदा करने को तैयार हैं। लिहाजा रेल बजट में यात्रियों को उचित कीमत पर बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने और सुविधाओं के एक से ज्यादा विकल्प उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। इसके लिए जहां भी जरूरी होगा निजी एजेंसियों की मदद ली जाएगी। मसलन, ट्रेनों व स्टेशनों को स्वच्छ व भीड़भाड़ से मुक्त बनाने, बेहतर रफ्तार के साथ ट्रेनों में बैठने, लेटने, पढ़ने, मनोरंजन और खाने-पीने वगैरह के बेहतर इंतजाम में निजी क्षेत्र का सहयोग लिया जाएगा।
पिछले रेल बजट में रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने हाईस्पीड और सेमी हाईस्पीड ट्रेनों को रोडमैप पेश किया था। इस बार वह उस पर हुई प्रगति का ब्योरा देंगे। मसलन, अहमदाबाद-मुंबई हाईस्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट पर जापान के साथ हुए समझौते पर कब से काम शुरू होगा, उसकी क्या विशेषताएं होंगी, वगैरह-वगैरह। इसके अलावा किस अन्य हाईस्पीड कॉरीडोर पर काम शुरू होने वाला है, जैसे कि दिल्ली-चेन्नई, जिसके लिए चीन की ओर से अध्ययन किया जा रहा है। हालांकि रेल बजट का असली फोकस सेमी हाईस्पीड ट्रेनों पर होगा, जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं। इस संदर्भ में दिल्ली से आगरा के बीच १६० किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस का नाम महत्वपूर्ण है। इसे शताब्दी से २५ फीसद अधिक किराये और बेहतर सुविधाओं के साथ शीघ्र ही चलाए जाने की आशा है। इसी के साथ एयर होस्टेस की तर्ज पर ट्रेन होस्टेस की नई अवधारणा पेश किए जाने की संभावना है, जो ट्रॉली के मार्पâत यात्रियों को भोजन व चायपान का वितरण करेंगी। इस व्यवस्था को भविष्य में चलने वाली सभी नौ सेमी हाईस्पीड ट्रेनों में लागू किए जाने की संभावना है।
पिछली बार वेंâद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने ४०० रेलवे स्टेशनों को निजी क्षेत्र की सहायता से विकसित करने का इरादा जाहिर किया था। इस बार वह बताएंगे कि कितने स्टेशनों के विकास में निजी वंâपनियों ने रुचि दिखाई है। इन पर कब काम शुरू होगा। इसी तरह ४०० स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा देने के लिए गूगल के साथ हुए करार पर कितनी प्रगति हुई है, इसका ब्योरा भी मिलेगा।