जेएनयू विवाद : कन्हैया कुमार को अज्ञात जगह ले जाया गया


नई दिल्ली। देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजे जाने के बाद दिल्ली पुलिस की एक टीम उसे तिहाड़ जेल से अज्ञात जगह ले गई है। कन्हैया को किस जगह ले जाया गया इस बात का खुलासा किये बिना एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया ‘छात्र नेता को पूछताछ के लिए रात में ८.३० बजे तिहाड़ जेल से ले जाया गया। पुलिस ने कन्हैया के पेशी वारंट के लिए इस आधार पर याचिका दायर की थी कि जेएनयू के विवादास्पद कार्यक्रम के संबंध में दो अन्य छात्रों- उमर खालिद और अर्निबन भट्टाचार्य के बयानों में विसंगति के मद्देनजर कन्हैया का उनसे सामना करवाया जाना है। याचिका का विरोध करते हुए कन्हैया के वकील ने कहा कि पुलिस को उसके मुवक्किल की पहले ही पांच दिन की हिरासत मिल चुकी है और मामले में उन्हें पूछताछ के लिए पर्याप्त वक्त मिला है। वकील ने कहा कि मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य दो छात्रों और कन्हैया के बीच कोई संबंध ही नहीं है क्योंकि वे अलग-अलग छात्र संगठन से जुड़े हैं। गौरतलब है कि आपराधिक साजिश और देशद्रोह का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने कन्हैया को १२ फरवरी को गिरफ्तार किया था।
– एक दिन की पुलिस हिरासत
अदालत ने गुरुवार को कन्हैया कुमार को १ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। कन्हैया को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने जेएनयू के दो अन्य छात्रों उमर खालिद और अनिर्बन भट्टाचार्य से आमना-सामना कराने का हवाला देकर कन्हैया को अपनी हिरासत में मांगा था।

कोर्ट ने उमर और अनिर्बन की आवाज के सैंपल की अनुमति नहीं दी
नई दिल्ली। अदालत ने जेएनयू विवाद मामले में गिरफ्तार उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य की आवाज के सैंपल लेने की अनुमति देने से इंकार कर दिया। वहीं, पुलिस ने कन्हैया के रिमांड की अर्जी को बेहद गोपनीय रखा और इस पर कहां सुनवाई हुई, इसकी जानकारी किसी को नहीं दी गई। पटियाला हाउस अदालत के महानगर दंडाधिकारी लवलीन ने दिल्ली पुलिस की उस अर्जी को खारिज किया, जिसमें उमर खालिद व अनिर्बन की आवाज के नमूने लेने की अनुमति मांगी गई थी। पुलिस ने दोनों आरोपी छात्रों को २३ फरवरी की रात सरेंडर करने के बाद गिरफ्तार किया था।
पुलिस के आग्रह पर महानगर दंडाधिकारी ने साउथ कैंपस थाने में सुनवाई के बाद पूछताछ के लिए तीन दिन का रिमांड पुलिस को दिया था। हाईकोर्ट के आदेश के मद्देनजर सुनवाई के स्थान को पूरी तरह गोपनीय रखा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने उमर खालिद व अनिर्बन से पूछताछ के लिए ७ दिन का रिमांड मांगा था। इन छात्रों पर ९ फरवरी को जेएनयू में विवादित कार्यक्रम आयोजित करने का आरोप है। पुलिस का आरोप है कि कार्यक्रम में पाकिस्तान जिंदाबाद और भारत विरोधी नारे लगाए गए थे। जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की पेशी के लिए पुलिस ने ही कोर्ट के समक्ष अर्जी दायर की थी ताकि वह इन तीनों छात्र आरोपियों से पूछताछ कर सके। हाईकोर्ट ने तीनों आरोपियों की पेशी व रिमांड पर सुनवाई के सुरक्षित स्थान पर करने और इसे गोपनीय रखने का निर्देश दिया था ताकि इनको कोई खतरा न हो। कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा था कि इन आरोपियों को खरोंच तक न आए यह पुलिस की जिम्मेदारी होगी। यह निर्देश कोर्ट ने पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में १५ व १७ फरवरी को हुई हिंसा के बाद दिया था।