जेएनयू कैम्पस में दिखे पांचों आरोपी छात्रों पर बेबस पुलिस


-छात्रों ने डॉक्टर्ड वीडियो के दुरूपयोग का लगाया आरोप,आत्मसमर्पण पर राजी
नईदिल्ली।जवाहरलाल नेहरू यूनिर्विसटी की ओर से जिन पांचों को डिबार कर दिया गया है वे रविवार को विश्वविद्यालय के परिसर में देखे गये। ये छात्र अफजल गुरु के समर्थन में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रविरोधी नारे लगाने के बाद हुई कार्यवाही पर १२ फरवरी से लापता थे।
प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस को जेएनयू वैंâपस में घुसने की इजाजत नहीं दी गई। बताया जाता है कि बीती रात उमर खालिद जिसकी दिल्ली पुलिस को तलाश है, वैंâपस के ही एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक में छात्रों को संबोधित करते देखा गया है। उमर के अलावा आशुतोष, अनंत प्रकाश नारायण, रामा नागा, अनिरबान भट्टाचार्य भी वैंâपस लौट आए हैं। सोशल मीडिया में इनकी मौजूदगी और भाषण देने की फोटो भी खूब शेयर की जा रही हैं। यूनिर्विसटी की ओर से इन पांचों को डिबार कर दिया गया है लेकिन ये अभी भी वैंâपस के हॉस्टल में रह सकते हैं। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और वर्तमान में ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन का दिल्ली महासचिव आशुतोष ने वैंâपस लौटने के बाद मीडिया को बताया कि उन परिाqस्थतियों में हम लोगों ने भागने का ही निर्णय लिया, क्योंकि हम पर चंद वीडियो के आधार पर संगीन आरोप लग रहे थे। उधर, जेएनयू मामले में दिल्ली पुलिस ने शनिवार और रविवार को उमर खालिद से जुड़ाव रखने वाले जेएनयू एवं डीयू के करीब ४० शिक्षकों से पूछताछ सहित १० वरिष्ठ पत्रकारों से सवाल-जवाब किए। ३० अन्य शिक्षकों-छात्रों को पूछताछ के लिए नोटिस दिया गया है। जानकारी के अनुसार जिन शिक्षकों से पूछताछ की गई, वे विभिन्न वामपंथी संगठनों से जुड़े हैं। जांच में शामिल पत्रकार स्वतंत्र लेखन का कार्य करते रहे हैं और वामपंथी आंदोलनों से किसी न किसी प्रकार से जुड़े रहे हैं। साथ ही जेएनयू के छात्र भी रहे हैं। फरारी से पहले उमर की मोबाइल फोन पर इन सभी से बात होती रही है। इन छात्रों पर संसद हमले के दोषी अफजल गुरु के समर्थन में भारत विरोधी नारे लगाने के आरोप पर कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया बाqल्क `डॉक्टर्ड वीडियो’ का इस्तेमाल कर उन्हें पंâसाया गया। उधर, पहले आत्मसमर्पण से इनकार करने के बाद अब खबर यह है कि ये छात्र आत्मसमर्पण के लिए तैयार हैं। आशुतोष के अनुसार, वे जांच में मदद के मद्देनजर वापस आए हैं। छात्रों और दुनियाभर से हमें जो अपार समर्थन मिला है उसने हमें ताकत दी है। मैं, रामा, अनिर्बन और अनंत आस-पास ही थे लेकिन भीड़ के पीट-पीटकर मारने पर उतारू होने के माहौल की वजह से हम सामने नहीं आए। हालांकि, उन्होंने कहा कि वे चारों उमर खालिद के संपर्वâ में नहीं थे और उससे उनकी कार्यक्रम के दिन ९ फरवरी को बातचीत हुई थी। आशुतोष ने कहा कि छात्र दिल्ली में ही थे और रविवार की शाम को लौटने का पैâसला व्यक्तिगत तौर पर किया गया, न कि सामूहिक तौर पर। हम अब कहीं नहीं जाएंगे और विश्वविद्यालय को राष्ट्रविरोधी के तौर पर पेश किए जाने के खिलाफ आंदोलन का हिस्सा बनेंगे।
इस बीच, भावी रणनीति पर पैâसला करने के लिए छात्र संगठन आइसा की वैंâपस में बैठक चल रही है। विश्वविद्यालय के सूत्रों ने बताया कि कुछ अन्य छात्रों, जिनके बारे में पुलिस ने अधिकारियों से सूचना मांगी थी, वे भी वैंâपस में दिखाई पड़े। इन छात्रों में रियाज और रूबीना शामिल हैं। इस मामले के छह मुख्य आरोपियों में से उक्त पांचों गायब थे। जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया था जो कि फिलहाल जेल में है। उमर खालिद विवादित कार्यक्रम का मुख्य आयोजक बताया जा रहा है। छात्र उमर खालिद के परिवार ने कहा था कि माहौल ठीक रहने पड़ वह सरेंडर कर सकता है। पुलिस ने इन छात्रों की तलाश में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में दबिश दी थी।