जासूसी कांड : रक्षा मंत्रालय में पुलिस ने की पूछताछ


नईदिल्ली। भारत सरकार के मंत्रालयों से अहम और गोपनीय कागजात लीक होने का मामला और बड़ा होता जा रहा है। सोमवार को पुलिस ने रक्षा मंत्रालय से डॉक्युमेंट्स लीक होने के मामले में भी जांच शुरू की है। इस बीच पुलिस ने जासूसी केस के मुख्य आरोपियों में से एक लोकेश शर्मा को अरेस्ट कर लिया है। सोमवार को पुलिस ने डिपेंâस मिनिस्ट्री के एक कर्मचारी से ६ घंटे से भी ज्यादा समय तक पूछताछ की। शक है कि विरेंदर नाम के इस शख्स ने बेहद गोपनीय डॉक्युमेंट्स लीक किए थे। इस तरह से ऑइल, कोल और पावर मिनिस्ट्री के बाद अब डिपेंâस मिनिस्ट्री का नाम भी उन मंत्रालयों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जहां से गोपनीय जानकारियां लीक हुई हैं। अन्य मंत्रालयों के साथ अब रक्षा मंत्रालय में भी जासूसी की बात सामने आने से मामला काफी गंभीर हो गया है। पुलिस पहले से ही इस मामले में ऑफिशल सीक्रिट ऐक्ट के तहत कार्रवाई करना चाह रही थी। अब रक्षा मंत्रालय में भी जासूसी की आशंका को देखते हुए उसने इस दिशा में आगे बढ़ने की पूरी तैयारी कर ली है। पुलिस ने ३३ साल के लोकेश शर्मा को अरेस्ट कर लिया है, जो कि नोएडा की फर्म इन्प्रâालाइन एनर्जी में काम करता था। जेसीपी क्राइम रिंवद्र यादव ने बताया कि वह पेट्रोलियम, कोल और पावर मिनिस्ट्री के डॉक्युमेंट्स लीक किया करता था । पुलिस ने लोकेश से ८ घंटों तक पूछताछ की है। इस पूरे मामले में लोकेश का रोल काफी अहम माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि लोकेश अकेला ऐसा शख्स नहीं है जो अपनी वंâपनी को लीक हुए डॉक्युमेंट्स देता था, बाqल्क शांतनु सैकिया और प्रयास भी इस काम में शामिल थे। सैकिया और जैन को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका हैं और अब उनसे डॉक्युमेंट्स लेने वालों को ढूंढा जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में दूसरी एफआईआर दर्ज कर ली है। अडिशनल सीपी अशोक चंद और एसीपी के.पी.एस. मल्होत्रा की अगुवाई में एक टीम बनाकर मामले की जांच करवाई जा रही है। शर्मा को दोपहर में शास्त्री भवन ले जाया गया। वहां पर लोकेश पुलिस को उन कर्मचारियों के कमरे में ले गया, जिनसे वह सरकारी कागजात हासिल करने के लिए संपर्वâ करता था। इनमें से ७ से पूछताछ की गई। कोल मिनिस्ट्री से लाल बाबू, रणजीत महतो और पेट्रोलियम मिनिस्ट्री से भूपेंद्र, अमित, कमल किशोर, वीरेंद्र और सुरेंद्र से पूछताछ की गई। मंगलवार को भी इन लोगों से पूछताछ की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक इन लोगों को अरेस्ट करने से पहले पुलिस इन लोगों के बीच पैसों के लेन-देन के सबूत हासिल करना चाहती है। पुलिस के मुताबिक शर्मा के पिता पेट्रोलियम मिनिस्ट्री में एक अधिकारी थे और वह बचपन से ही अपने पिता से मिलने के लिए यहां आया करता था। ७ साल पहले उसने इन्प्रâालाइन जॉइन की और पेपर चुराने के लिए अपने कॉन्टैक्ट इस्तेमाल किए।