जाट प्रदर्शनकारियों से संपत्ति नुकसान मुआवजा वसूलेगी सरकार


-संपत्ति नुकसान पर सख्त हाईकोर्ट ने राज्य से मांगा जवाब
चंडीगढ़। जाट आंदोलन के दौरान हुए सार्वजनिक और निजी संपत्ति के नुकसान के खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा है कि संबंधित क्षति का किस माध्यम से मुआवजा राशि भुगतान की जा रही है। हरियाणा सरकार ने बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ अर्बन लोकल बॉडी द्वारा यह भुगतान किया जा रहा है। इस पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकारी कोष पर दंगाइयों द्वारा किए गए नुकसान का बोझ क्यों डाला जा रहा है। इस पर हरियाणा सरकार की ओर से बताया कि सरकारी व निजी संपत्ति को हुए नुकसान पर दिए जाने वाले मुआवजे को दंगाइयों से ही वसूला जाएगा। इसके लिए ए.डी.जी.पी. हरियाणा बी.के. सिन्हा को सबूत एकत्रित करने की जिमेदारी सौंपी गई है। साथ ही क्लेम सेटलमैंट के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव रजनी सीकरी सिब्बल को स्टेट नोडल ऑफिसर बनाया गया है।
हरियाणा सरकार ने सोमवार को हाईकोर्ट को बताया कि वह जल्द से जल्द मुआवजा राशि जारी कर देगी। अभी तक २०० से अधिक मामलों में क्लेम सेटलमेंट किया जा चुका है और उन्हें २५ प्रतिशत मुआवजे का अंतरिम तौर पर भुगतान किया जा चुका है। हाईकोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा कि अगली सुनवाई के दौरान सरकार बताए कि कितने मामलों में पाqब्लक प्रोपर्टी को नुकसान हुआ है और कितने मामलों में निजी प्रोपर्टी को क्षति पहुंची है। इन सभी जानकारियों को एकत्रित करने के साथ ही यह भी बताया जाए कि आखिर कुल कितना हुआ है, ताकि इसकी वसूली की जा सके। हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका का निपटारा नहीं किया जाएगा। यह वसूली प्रक्रिया कोर्ट की निगरानी में ही होगी। हरियाणा सरकार की ओर से बताया गया कि आंदोलन के दौरान डयूटी में कोताही करने वाले अधिकारियों पर शिवंâजा कसा जा रहा है। रोहतक रेंज के आई.जी. श्रीकांत जाधव व कुछ डी.एस.पी. को निलंबित किया गया है। इसके साथ ही यू.पी. के पूर्व डी.जी.पी. प्रकाश िंसह की अध्यक्षता में कमिशन का गठन किया गया है। यह कमिशन आंदोलन के दौरान कोताही बरतने वाले अधिकारियों पर अपनी रिपोर्ट देगा। ४५ दिन के भीतर यह रिपोर्ट हरियाणा सरकार को मिल जाएगी और इस पर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। मुरथल रेप केस के बारे में सरकार ने कहा एसआईटी का गठन कर दिया गया है। कोर्ट ने हाईकोर्ट के वकील अनुपम गुप्ता को कोर्ट का मित्र नियुक्त करने का भी आदेश दिया, जो कोर्ट की इस मामले सहायता करेगा। मामले की अगली सुनवाई १४ मार्च होगी।