जाट आरक्षण पर हुई गुटीय हिंसा पश्चात खट्टर की सर्वदलीय बैठक


-ईबीसी आरक्षण कोटा बढ़ाकर २० प्रतिशत आय सीमा बढ़ाकर ६लाख रु घोषित
चंडीगढ़। हरियाणा में जाट आरक्षण की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर खट्टर सरकार ने शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इसके चलते झज्जर और सोनीपत में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, वहीं रोहतक में मोबाइल और इंटरनेट सेवा बंद कर कर दी गई है। गुरुवार को रोहतक कोर्ट परिसर में आरक्षण की मांग को लेकर दो गुटों के परस्पर भिड़ंत के बाद यह बैठक बुलाई गई है। पुलिस की मौजूदगी में ही दोनों गुटों के बीच टकराव हुआ और जमकर र्कुिसयां चलीं। पिछले कई दिनों से आरक्षण की मांग को लेकर हरियाणा में जाट प्रदर्शन हो रहा है। यूपीए सरकार के समय से जाटों को मिले आरक्षण को पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था। इससे पूर्व गुरुवार को हरियाणा में अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत आरक्षण की मांग को लेकर जाटों के प्रदर्शन से राज्य के कई हिस्सों में रेल एवं सड़क यातायात प्रभावित हुआ। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य में र्आिथक रूप से कमजोर वर्गों (ईबीसी) के लिए आरक्षण का कोटा १० प्रतिशत से बढ़ाकर २० प्रतिशत करने की घोषणा भी की। उन्होंने साथ ही सालाना आय की सीमा २.५ लाख रुपये से बढ़ाकर छह लाख रुपये करने की भी घोषणा की, ताकि इस श्रेणी के तहत अधिकतम लोगों को लाभ हो सके। जाटों का प्रदर्शन रोहतक-झज्जर क्षेत्र से सोनीपत, भिवानी, हिसार, फतेहाबाद और जींद जिलों तक पैâल गया। प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हो गर्इं। सोनीपत में प्रदर्शनों में जहां वकील शामिल हुए, बड़ी संख्या में छात्रों ने रोहतक में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत आरक्षण की मांग कर रहे हैं। ऑल इंडिया जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि सरकार ने अपना प्रस्ताव दे दिया है, लेकिन लोग उतने खुश नहीं हैं। यद्यपि प्रदर्शन करने का निर्णय एक या दो दिनों में पता चलेगा ।